उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का निधन, एक दिन का राजकीय शोक घोषित
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उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल का दिल्ली में निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने साल 8 जनवरी 2003 से 28 अक्टूबर 2007 तक उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला था। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
स्व. अग्रवाल के निधन पर 4 जुलाई को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। राजकीय शोक के दिन प्रदेश के सभी कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे और कोई शासकीय मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।
वहीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने स्वर्गीय अग्रवाल की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सुदर्शन अग्रवाल मूल रूप से पंजाब के लुधियाना के रहने वाले थे।
उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल श्री सुदर्शन अग्रवाल जी के निधन की खबर से आहत हूं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति व शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें। राज्यपाल के रूप में अग्रवाल जी ने संवैधानिक कर्तव्यों का पूर्ण जिम्मेदारी से निर्वहन किया।
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) July 3, 2019
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि स्व. अग्रवाल एक कुशल प्रशासक, श्रेष्ठ विधिवेत्ता और महान समाजसेवी थे। उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा ही आदर्श दृष्टिकोण अपनाया।
उनके द्वारा प्रदेश की गरीब बालिकाओं के लिए देहरादून में हिम ज्योति स्कूल की शुरुआत की गई थी। अग्रवाल ने सिक्किम और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया था। वे राज्यसभा के महासचिव भी रहे थे। उनके निधन से सार्वजनिक जीवन का एक चमकता हुआ नक्षत्र विलुप्त हो गया।