फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Forest Fire: DFO accountability fixed on satellite alert action taken report to be given by evenin

Uttarakhand Forest Fire: सेटेलाइट अलर्ट पर DFO की जवाबदेही तय, शाम तक देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट

Wed, 17 May 2023 01:48 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 17 May 2023 01:48 PM IST
सार

भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) की ओर से प्रतिदिन नियर रियल टाइम (एनआरटी) और लार्ज फॉरेस्ट फायर (एनएफएफटी) दो तरह के अलर्ट जारी किए जाते हैं। जो सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों के आधार पर भेजे जाते हैं।

विज्ञापन
Uttarakhand Forest Fire: DFO accountability fixed on satellite alert action taken report to be given by evenin
उत्तराखंड में जंगल की आग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वन विभाग में फील्ड में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों पर वनाग्नि से संबंधित आंकड़ों को छुपाने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। इस संबंध में वन मुख्यालय की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। रेंज से लेकर प्रभाग तक को प्रतिदिन के अलर्ट की सूचना पर कार्रवाई की रिपोर्ट शाम तक वन मुख्यालय को देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उनके विरूद्ध विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन


भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) की ओर से प्रतिदिन नियर रियल टाइम (एनआरटी) और लार्ज फॉरेस्ट फायर (एनएफएफटी) दो तरह के अलर्ट जारी किए जाते हैं। जो सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों के आधार पर भेजे जाते हैं। फील्ड में तैनात वन कर्मियों पर आरोप लगते रहे हैं कि वह इन अलर्ट को संजीदगी से नहीं लेते।

विज्ञापन

 

Uttarakhand: विभाग के इस फॉर्मूले से वर्षों बाद भी पहाड़ से नहीं उतर पाएंगे 13 हजार शिक्षक, पढ़ें पूरा मामला

विज्ञापन
विज्ञापन


आमतौर पर जंगल से बाहर की आग बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। बीते दिनों विधानसभा सत्र के दौरान सदन में रखी गई कैग की रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा किया गया था। लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। उन्हें प्रतिदिन प्राप्त होने वाले अलर्ट की निश्चित प्रारूप में पूरी जानकारी भरकर देनी होगी कि संबंधित अलर्ट पर उन्होंने क्या कार्रवाई की। सुबह के अलर्ट पर कार्रवाई की जानकारी शाम तक वन मुख्यालय को देनी होगी।

लाइन विभागों की भी लेंगे मदद
वन मुख्यालय स्तर पर जारी निर्देशों के तहत सभी डीएफओ वनों की आग को बुझाने के लिए जिलाधिकारी के साथ समन्वय बनाते हुए रिस्पांस टीमों का गठन करेंगे। यदि लाइन विभागों की ओर से सहयोग नहीं मिलता है तो इसकी भी रिपोर्ट मुख्यालय और जिलाधिकारी को देंगे।

कैग ने किया था खुलासा, कोताही बरत रहा उत्तराखंड
एफएसआई की ओर से वनाग्नि को लेकर देशभर में राज्यों को अलर्ट किए जाते हैं। उत्तराखंड इन अलर्ट को संजीदगी से नहीं ले रहा है, इस बात का खुलासा कैग ने अपनी रिपोर्ट में किया था। इस बात का भी खुलासा किया गया था कि प्रभागों ने अपने क्षेत्राधिकार में होनी वाली आग को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी से बचने के लिए गलत फीडबैक दिया था।

24 घंटे में 16 स्थानों पर लगी जंगल में आग
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 16 स्थानों पर जंगल धधके हैं। इनमें गढ़वाल में छह और कुमाऊं में 10 जगह आग लगी है। आग की इन घटनाओं में कुल 14 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है, वहीं 35 हजार रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति का आकलन किया गया है। प्रदेश में अब तक 365 जगह जंगलों में आग लगी है, जिनमें 437 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। जबकि 11 लाख 83 हजार रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई है।
 

प्रदेश में वनाग्नि को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। एफएसआई से प्राप्त होने वाले अलर्ट को संजीदगी से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए कहा गया है। वन मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से बराबर इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
- निशांत वर्मा, मुख्य वन संरक्षक, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed