उत्तराखंड: कोविड-19 हेल्थ बुलेटिन की तर्ज पर वन विभाग जारी करेगा फायर बुलेटिन
- वनाग्नि से संबंधित जानकारी का अपडेट देगा, बताएगा कहां आग लगी, कहां हुआ नुकसान
- ट्विटर पर अब हैशटैग अपडेट उत्तराखंड फॉरेस्ट फायर शुरू
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उत्तराखंड में जंगल की आग को लेकर सोशल मीडिया पर हुए बवाल के बाद अब वन विभाग ने कोविड-19 की तर्ज पर फायर बुलेटिन निकालना तय किया है। वन विभाग की योजना फिलहाल एक जून से इस बुलेटिन को जारी करने की है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस बुलेटिन में जंगल की आग से संबंधित सूचनाएं दी जाएंगी। यह भी बताया जाएगा कि कहां आग लगी, आग पर नियंत्रण पाया गया या नहीं, क्या कोशिश हो रही है। इसके साथ ही मौसम भी इसके साथ जोड़ा गया है।
वन विभाग का माना है कि जंगल की आग का सीधा संबंध मौसम से भी है। इस बार मौसम ने वन विभाग का इस मामले में लगातार साथ दिया है। थोड़े-थोड़े अंतराल में होने वाली बारिश के कारण वनों में नमी बची हुई है और इस कारण जंगलों में अभी तक आग का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया प्रभारी पराग मधुकर धकाते के मुताबिक बुलेटिन को सोशल मीडिया, विभागीय वेबसाइट आदि पर डाला जाएगा।
सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बाद लिया फैसला
वन विभाग को अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के जंगलों के जलने की कई खबरों का सामना करना पड़ा था। कई पुराने वीडियो अपलोड कर यह दिखाया गया कि उत्तराखंड के जंगल बुरी तरह से जल रहे हैं। इसके बाद खुद सीएम को कहना पड़ा था कि इस तरह का भ्रामक प्रचार न होने दिया जाए।
ट्विटर पर सोशल मीडिया प्रभारी
वनों की आग से संबंधित सूचनाओं को प्रतिवाद करने और नजर रखने के लिए वन विभाग ने मुख्य वन संरक्षक पराग मधुकर धकाते को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया। धकाते ने भी ट्विटर पर अब हैशटैग अपडेट उत्तराखंड फॉरेस्ट फायर, शुरू किया है। धकाते ने बताया कि पिछले तीन दिन से प्रदेश के जंगल की आग की कोई ताजा मामला सामने नहीं आया है। कारण यह भी है कि बारिश रुक-रुक कर जारी है।
15 जून तक का है फायर सीजन
प्रदेश में फायर सीजन 15 फरवरी से लेकर 15 जून तक का है। इस बार दिसंबर में वन विभाग ने जंगल की आग से निपटने के लिए 16 करोड़ रुपये का बजट जारी किया था। मुख्य वन संरक्षक फॉरेस्ट फायर वीके गांगटे के मुताबिक जंगल की आग पर 40 कंट्रोल रूम, 174 वाच टावर और 1437 क्रू स्टेशन के जरिए नजर रखी जा रही है।