{"_id":"3caf843f61b8b242234bf24cda343ba6","slug":"uttarakhand-floods-105","type":"story","status":"publish","title_hn":"नुकसान के आंकलन को यूसैक का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नुकसान के आंकलन को यूसैक का सहारा
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2013 08:45 AM IST
विज्ञापन
वर्ल्ड बैंक की टीम मंगलवार को उत्तराखंड स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (यू-सैक) पहुंच गई। यह टीम केदारघाटी में हुई तबाही की वजह से नुकसान का आंकलन करने उत्तराखंड पहुंची है। इसके लिए उसने यू-सैक की मंदाकिनी घाटी से संबंधित रिपोर्ट को आधार बनाया है। टीम इस रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। इस कार्य में सेंटर के विशेषज्ञ उसकी मदद कर रहे हैं।
विज्ञापन
वाशिंगटन से पहुंची वर्ल्ड बैंक की टीम
यू-सैक के निदेशक डा. एमएम किमोठी के अनुसार वर्ल्ड बैंक की टीम यहां वाशिंगटन से पहुंची है। वह न केवल नुकसान का आंकलन कर रही है, बल्कि भविष्य में किसी आपदा के मद्देनजर सामने आ सकने वाली दिक्कतों का भी खाका तैयार कर रही है, ताकि उस वक्त सर्वे का कार्य आसान हो सके। डा. किमोठी ने बताया कि यह टीम अभी कुछ दिन और उत्तराखंड में रहेगी, इसके बाद अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। सर्वे के कार्य में भी वर्ल्ड बैंक की टीम की मदद यूसैक के वैज्ञानिक कर रहे हैं।
विज्ञापन
खबर पर राय देने के लिए क्लिक करें