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उत्तराखंड: बिजली का भरोसा नहीं, किसानों की अब सूर्य देव के दरबार में लगाई अर्जी
Fri, 08 Mar 2019 03:04 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंतनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंतनगर
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 08 Mar 2019 03:04 PM IST
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सौर ऊर्जा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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बिजली की आए दिन की कटौती और लगातार बढ़ रहा बिल अब किसानों को सौर ऊर्जा के विकल्प पर सोचने के लिए विवश कर रहा है। किसान कुंभ में पहुंचे किसान पंतनगर के वैज्ञानिकों से इस बारे में जानकारी भी मांग रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक किसान दो लाख रुपये का निवेश कर आराम से चार इंच पानी पांच घंटा प्रतिदिन ले सकते हैं।
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मेले के पहले दिन ही पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के स्टाल पर पहुंचे बहेड़ी के किसान रामेश्वर दयाल की चिंता भी यही थी। दयाल के मुताबिक बिजली का भरोसा नहीं रह गया है। घर में लगा सोलर पैनल बेहतर काम कर रहा है। दयाल ने पूछा कि चार इंच का पानी अगर खेतों को सींचने के लिए लेना हो तो सोलर पैनल कितना बड़ा चाहिए। विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा अरोड़ा, स्टॉल पर मौजूद रोहित आदि के मुताबिक करीब पांच किलोवाट के सौलर पैनल की जरूरत होगी।
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30 रुपये प्रति वाट के हिसाब से खर्चा जोड़ा जाए तो करीब डेढ़ लाख रुपये का निवेश पैनल के लिए करना होगा। दयाल की 15 एकड़ की खेती है। उन्हें करीब 400 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से सिंचाई पर खर्च करना पड़ता है। सोलर पैनल में यह खर्च 200 रुपये प्रति घंटे से कम ही होगा। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि किसान समूह बनाकर पैनल लगवाएं तो खर्च कम होगा।
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