उत्तराखंड में चली विरोध की 'आंधी', अब पूर्व सैनिक लौटाएंगे मेडल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन रैंक वन पेंशन की अधिसूचना से नाराज उत्तराखंड के पूर्व सैनिक 16 नवंबर को परेड ग्राउंड में अपने मेडल वापस करेंगे।
उत्तराखंड युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्ससर्विसमेन की शनिवार को सुभाष रोड स्थित कार्यालय में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में केंद्र की ओर से जारी अधिसूचना का विरोध जताते हुए पूर्व सैनिकों ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।
वन रैंक वन पैंशन पर पूर्व सैनिकों की मांग से विपरीत अधिसूचना जारी हुई है। इसमें पांच साल पेंशन रिवीजन और ओआरओपी के लिए वर्ष 2013-14 को औसत वर्ष बनाने का विरोध किया जा रहा है। फ्रंट ने निर्णय लिया कि वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे और 16 नवंबर को 11 बजे परेड ग्राउंड में होने वाली रैली में अपने मेडल वापस करेंगे।
राष्ट्रपति भवन भेजे जाएंगे सभी मेडल
मोर्चे ने सभी पूर्व सैनिकों से अनुरोध किया है कि जो मेडल वापस करना चाहते हैं वे अपने साथ मेडल लेकर आएं। इसके साथ उनका नाम और पूरा ब्योरा भी हो। इसके बाद सभी मेडल राष्ट्रपति भवन भेजे जाएंगे। मेजर जनरल लाल जी डी सिंह (रि) ने बताया कि पांच वर्ष में पेंशन रिवीजन पूरी तरह से गलत है।
इससे ओआरओपी की मूल भावना प्रभावित हो रही है। पूर्व सैनिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के मीडिया प्रभारी ब्रिगेडियर केजी बहल (रि) ने कहा कि ओआरओपी की जो अधिसूचना जारी हुई उससे सरकार की मंशा साफ हो गई। केंद्रीय नेतृत्व ने अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया तो वे मिलकर प्रयास करेंगे।
वीआरएस, पांच वर्ष रिव्यू और गैर एक्स सर्विसमेन रिव्यू कमेटी अनुचित है। बैठक में ब्रिगेडियर आरएस रावत (रि), मेजर जनरल चंद्र नदंवानी (रि), कर्नल बीएम थापा (रि), कैप्टन यूएस ठाकुर (रि), कैप्टन अशोक लिंबू (रि) और सूबेदार सिंह आदि ने अपने अपने विचार रखे।