फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand: Even after anti-incumbency trend in state, Congress has lost the opportunity to return to government

मचेगी रार या होगा आगे का प्लान तैयार : उत्तराखंड में सत्ता विरोधी रुझान के बाद भी कांग्रेस ने खो दिया सरकार में वापसी का अवसर

Sat, 12 Mar 2022 04:25 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 12 Mar 2022 04:25 PM IST
सार

कांग्रेस में हार के कारणों की समीक्षा होगी। संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलाव हो सकते हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर घमासान मच सकता है।

विज्ञापन
Uttarakhand: Even after anti-incumbency trend in state, Congress has lost the opportunity to return to government
कांग्रेस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में सत्ता विरोधी रुझान के बाद भी कांग्रेस इसे भुना नहीं पाई और सरकार में वापसी का अवसर खो दिया। इसे लेकर पार्टी के भीतर नाराजगी है। कोई इसे नेताओं का कुप्रबंधन बता रहा है तो कोई गुटबाजी का प्रतिफल। बहरहाल, पार्टी स्तर पर हार के कारणों की समीक्षा होगी, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि इस हार के बाद पार्टी में रार मचेगी या नई और ठोस रणनीति के साथ प्लान तैयार होगा।

विज्ञापन


कांग्रेस ने इस चुनाव में हार के बाद भी आठ सीटों की छलांग लगाई है। वोट प्रतिशत में भी 4.42 अंकों का इजाफा हुआ है, लेकिन सत्ता में वापसी की टीस बनी हुई है। ऐेसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी में इस हार की रार मच सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पहले से ही गुटबाजी में उलझी कांग्रेस में इस हार के बाद गुटबाजी सतह पर आ सकती है।
विज्ञापन


हरिद्वार से पांच और देहरादून को मिलाकर गढ़वाल के हिस्से में आई मात्र तीन सीटें
आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर चुनाव भी होने हैं। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष का भी चुनाव भी होना। फिलहाल यह दायित्व प्रीतम सिंह के पास है, लेकिन अगला नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, इसे लेकर विधानमंडल दल की बैठक में चर्चा के बाद ही कुछ साफ होगा। पिछली बार प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़कर नेता प्रतिपक्ष का दायित्व संभालने के लिए प्रीतम ने पहले इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उन्हें मना लिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...उत्तराखंड में भाजपा अभी नहीं बना पाएगी सरकार: नई विधानसभा के गठन में अब फंसा नया पेच, सीएम नहीं बल्कि ये है बड़ी वजह

इस बार भी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष पद के लिए पार्टी के भीतर गुटीय स्थिति देखने को मिल सकती है। दोनों में से एक पद कुुमाऊं के हिस्से में जा सकता है। फिलहाल दोनों पद गढ़वाल में हैं। जीती सीटों का समीकरण देखें तो कुमाऊं का पलड़ा भारी है। कुमाऊं से जहां पार्टी को 11 सीटें मिली हैं तो वहीं हरिद्वार से पांच और देहरादून को मिलाकर गढ़वाल के हिस्से में मात्र तीन सीटें आई हैं। ऐसे में इन दोनों पदों पर गढ़वाल, कुमाऊं और मैदान का समीकरण देखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed