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Rahul Gandhi Rally: राहुल ने नहीं छुए स्थानीय मुद्दे, राज्य सरकार, भाजपा नेताओं और बागियों पर वार से किया गुरेज

Fri, 17 Dec 2021 09:36 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 17 Dec 2021 09:36 AM IST
सार

करीब डेढ़ बजे जैसे ही राहुल गांधी के चॉपर ने परेड ग्राउंड में लैंड किया, राहुल गांधी के साथ भारत माता की जय के नारे से माहौल गुंजायमान हो गया। राहुल ने मंच पर आते ही सबसे पहले जनरल बिपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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राहुल गांधी की रैली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में 2022 के चुनावी महाभारत के लिए देहरादून के परेड मैदान में कांग्रेस का पहला बड़ा मंच सजा। पार्टी के बड़े नेता राहुल गांधी ने इस मंच से सधे हुए अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने उत्तराखंड के वीर शहीदों की कुर्बानी से खुद को जोड़ते हुए एक रिश्ता जरूर कायम करने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय मुद्दों, राज्य सरकार, भाजपा नेताओं और बागियों पर वार करने से गुरेज किया। 

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मौका विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ का था तो मंच भी बावर्दी पूर्व सैनिकों की उपस्थिति से शोभायमान था। करीब डेढ़ बजे जैसे ही राहुल गांधी के चॉपर ने परेड ग्राउंड में लैंड किया, राहुल गांधी के साथ भारत माता की जय के नारे से माहौल गुंजायमान हो गया। राहुल ने मंच पर आते ही सबसे पहले जनरल बिपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस नेताओं से मेल-मुलाकात के बाद पूर्व सैनिकों के साथ जाकर बैठ गए।
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सैनिकों को सम्मान देने का उनका यह अलग अंदाज था। अपने उद्बोधन में राहुल गांधी ने देश और उत्तराखंड के वीर सैनिकों का कई बार जिक्र किया। उत्तराखंड के तमाम परिवारों में आए दिन शहीदों के शव घर पहुंचते हैं, उनकी इस कुर्बानी से खुद को जोड़ा। उन्होंने कई वादे किए, लेकिन पूरे भाषण के दौरान केंद्र की मोदी सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी ही उनके निशाने पर रहे। 

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सधे हुए अंदाज में दिखे राहुल, माहौल से भी खुश 
राहुल गांधी परेड मैदान में आयोजित रैली में बदले और सधे हुए अंदाज में नजर आए। पूरे भाषण के दौरान उन्होंने कोई ऐसी बात नहीं कही, जिसे विपक्षी मुद्दा बना पाएं। रैली में कार्यकर्ताओं की भीड़ और उत्साह देखकर पार्टी दिग्गजों सहित राहुल गांधी भी गदगद नजर आए। पूर्व सीएम हरीश रावत की मानें तो पूरे प्रदेशभर से लोग राहुल गांधी को सुनने आए थे, बावजूद इसके ट्रैफिक जाम के कारण बहुत से कार्यकर्ता रैली स्थल तक पहुंच ही नहीं पाए। 

महिलाओं और पूर्व सैनिकों को नहीं मिला बोलने का मौका 
राहुल के मंच पर किसी भी महिला नेत्री को बोलने का मौका नहीं मिला। इतना ही नहीं, पूर्व सैनिकों के सम्मान में आयोजित रैली में किसी भी पूर्व सैनिक को मंच पर बोलने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। 

सैनिकों का सम्मान कांग्रेस का ढोंग, रैली फ्लॉप : कौशिक 

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली को फ्लॉप बताया है। उन्होंने निशाना साधा कि जिस कांग्रेस ने अपने 60 साल के शासन में सैनिकों के सम्मान और समस्याओं की सुध नहीं ली आज वह सैन्य सम्मान रैली का ढोंग कर रही है। भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बार-बार विकास को लेकर भाजपा पर आरोप मढ़ रही है। भाजपा की डबल वजन की सरकार के समन्वय से पांच साल में एक लाख करोड़ रुपये उत्तराखंड के विकास के लिए जारी किए गए। जिस धनराशि का तेजी से उत्तराखंड की सड़क, रेल मार्ग, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में उपयोग किया जा रहा है। सब जनता के सामने है।

पीएम नरेंद्र मोदी चार दिसंबर को जनता के सामने इसे विस्तार से बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा, हिंदुओं को लश्करे तैयबा से भी खतरनाक बताने वाले राहुल गांधी से पूछना चाहती है कि 2004 से लेकर 2007,  2012 से 2014 तक पांच वर्ष तक केंद्र व प्रदेश में कांग्रेस को भी डबल इंजन वाली सरकार बनाने का मौका मिला था। क्या इस राज्य के विकास के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा उस दौरान कोई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं दी गई। अगर हां तो राहुल गांधी उसका हिसाब दें। 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सैनिकों के लिए कांग्रेस ने अपने 60 साल के कार्यकाल में क्या काम किया, वह जानना चाहते हैं। क्या कांग्रेस ने वन रैंक, वन पेंशन दी। क्या कांग्रेस ने शहीदों के पार्थिव शरीर को उनकी जन्मभूमि तक लाने का काम कभी किया। पहले सैनिक इस इंतजार में रहते थे कि दिल्ली से कब उन्हें फायरिंग का आदेश मिलेगा लेकिन जनरल बिपिन रावत की तस्वीर लगाकर आज कांग्रेस सैनिक सम्मान की बात कर रही है। जबकि उनके ही एक नेता ने जनरल रावत पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी ने जयपुर में महंगाई पर आयोजित रैली में हिंदुओं पर अपमानजनक टिप्पणी की थी और कहा था कि मेरी लड़ाई हिंदुत्ववादियों से है। राहुल ने अन्य किसी धर्म की बात नहीं की। उत्तराखंड की जनता पूछ रही है कि कब तक तुष्टिकरण की राजनीति पर कांग्रेस हिंदुओं का अपमान करेगी। 

भाजपा अध्यक्ष कौशिक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने सैनिकों की शहादत और शौर्य का अपमान किया है। उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक पर उठाए सवालों, सर्जिकल स्ट्राइक के बजाद मध्यम प्रदेश के तत्कालीन सीएम कमलनाथ के इस शौर्य पर सवाल खड़ा करने, भारत-चीन सीमा तनाव के बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का चीन के साथ गुपचुप बैठक करने पर भी सवाल उठाए। इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश जोशी, विपिन कैंतुरा, राजीव तलवार, हरीश चमोली आदि मौजूद रहे।

रैली में आए वाहनों से सड़कें हुई पैक, कई जगह लगा जाम
राहुल गांधी को देखने आए लोगों के वाहनों से सड़कें पैक हो गईं। रैली के पहले और बाद में कई जगहों पर जाम लग गया। जाम के कारण महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भी लंबे रास्ते से सर्वे चौक आईआरडीटी ऑडिटोरियम तक आना पड़ा। कोश्यारी यहां किसी कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। 

किसी भी वीआईपी का आमतौर पर रूट ईसी रोड से ही होता है। भगत सिंह कोश्यारी को भी डिफेंस कॉलोनी से नेहरू कॉलोनी से आराघर होते हुए सर्वे चौक आना था। लेकिन, रैली के वाहनों के कारण इस इलाके में वाहनों का दबाव था। लिहाजा, उनके काफिले को डिफेंस कॉलोनी से जोगीवाला से छह नंबर पुलिया और रायपुर रोड होते हुए सर्वे चौक लाया गया।बसों और निजी वाहनों से सड़कें इस कदर भर गईं थीं कि कई चौराहों पर लंबा जाम लग गया।

पूर्व निर्धारित प्लान के अनुसार बाहर से आने वाली बसों को दूर पार्किंग में खड़ा किया गया था। बावजूद इसके शहर में जाम की स्थिति रही। बुद्धा चौक, रिस्पना पुल, धर्मपुर, घंटाघर, पंचायती मंदिर चौक, राजपुर रोड, रायपुर रोड, बिंदाल पुल, चकराता रोड, प्रिंस चौक, सर्वे चौक, जोगीवाला, नेहरू कॉलोनी, रेसकोर्स, रायपुर गुरुद्वारा से थाने तक, हरिद्वार रोड आदि प्रमुख चौराहों पर गाड़ियां रेंगती रही। बड़ी संख्या में वाहनों को भी बेतरतीब खड़ा किया गया था। रैली में आई बाइक भी इधर-उधर घूमती रहीं। 

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