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Uttarakhand Election 2022 : त्रिकोणीय मुकाबले में फंसी ज्वालापुर सीट, कांग्रेस डैमेज कंट्रोल करने में जुटी
Wed, 09 Feb 2022 02:34 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
बसंत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
बसंत कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 09 Feb 2022 02:34 PM IST
सार
ज्वालापुर सीट पर दलित समाज के करीब 30 हजार वोटर हैं। जबकि वाल्मीक वोट तीन हजार के आसपास हैं
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भाजपा-कांग्रेस
- फोटो : social media
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विस्तार
ज्वालापुर सीट त्रिकोणीय मुकाबले में फंस गई है। बरखा रानी का टिकट बदलने और एसपी सिंह इंजीनियर की बगावत से समीकरण बदल गए हैं। कांग्रेस में भीतरघात की भी संभावना बनी है। जिससे कांग्रेस हर तरह से डैमेज कंट्रोल करने में जुटी है।
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ज्वालापुर सुरक्षित सीट है। भाजपा के सुरेश राठौर दूसरी बार पार्टी के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं। कांग्रेस ने यूथ कोटे से इंजीनियर रवि बहादुर का मैदान में उतारा है। वहीं, बसपा से प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल सिंह प्रत्याशी हैं।
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काग्रेस ने यहां पहले जिला पंचायत अध्यक्ष रही बरखा रानी को उम्मीदवार घोषित किया था। लेकिन कई असंतुष्ट कांग्रेसियों ने विरोध शुरू कर दिया था। जिससे पार्टी को टिकट बदलना पड़ा। बरखा रानी का टिकट काटकर रवि बहादुर को मैदान में उतारा।
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दरअसल, बरखा रानी ज्वलापुर क्षेत्र के घाड़ इलाके के रसूलपुर गांव की हैं। यहां इनका मायका है। पति विजय पाल सिंह पिछले बीस साल से इसी क्षेत्र से पंचायत की राजनीति करते आ रहे हैं। वह निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य भी हैं।
पति और पत्नी की ज्वालापुर सीट के घाड़ क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। सीट पर दलित समाज के करीब 30 हजार वोटर हैं। जबकि वाल्मीक वोट तीन हजार के आसपास हैं। दलित समाज से बरखा रानी का टिकट कटने से समाज में कहीं न कहीं पार्टी के प्रति नाराजगी है। उनके कई समर्थक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होकर अपनी नाराजगी जता भी चुके हैं।
भाजपा के सुरेश राठौर को सत्ता विरोधी लहर से जूझना पड़ सकता है
कांग्रेस से पिछला चुनाव लड़ चुके एसपी सिंह इंजीनियर भी बगावत कर आजाद समाज पार्टी से मैदान में हैं। जिसका सीधे रूप से कांग्रेस को ही झटका लगा है। भाजपा के सुरेश राठौर को सत्ता विरोधी लहर से जूझना पड़ सकता है।
व्यक्तिग रूप से राठौर की छवि पर भी पिछले दिनों एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए। जिसे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई महिला संगठनों ने मुद्दा बनाया। बसपा के शीशपाल भाजपा-कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
शीशपाल पूर्व में भगवानपुर और देहरादून सहसपुर से किस्मत आजमा चुके हैं। शीशपाल ने ज्वालापुर सीट का चुनाव त्रिकोणीय बना दिया है। कौन बाजी मारेगा, यह तो मतगणना के बाद ही साफ होगा, लेकिन चुनाव काफी रोचक हो गया है। बाकी आम आदमी पार्टी समेत कई निर्दलीय भी मैदान में वोट काटेंगे।
स्थानीय मुद्दे:
चुनाव में विकास, रोजगार, वन्यजीवों से खेतीबाड़ी सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा को लेकर चुनावी मुद्दा लोगों की ओर से बनाया जा रहा है। घाड़ क्षेत्र में परिवहन की समस्या भी चुनाव में उठ रही है।
व्यक्तिग रूप से राठौर की छवि पर भी पिछले दिनों एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए। जिसे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई महिला संगठनों ने मुद्दा बनाया। बसपा के शीशपाल भाजपा-कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
शीशपाल पूर्व में भगवानपुर और देहरादून सहसपुर से किस्मत आजमा चुके हैं। शीशपाल ने ज्वालापुर सीट का चुनाव त्रिकोणीय बना दिया है। कौन बाजी मारेगा, यह तो मतगणना के बाद ही साफ होगा, लेकिन चुनाव काफी रोचक हो गया है। बाकी आम आदमी पार्टी समेत कई निर्दलीय भी मैदान में वोट काटेंगे।
स्थानीय मुद्दे:
चुनाव में विकास, रोजगार, वन्यजीवों से खेतीबाड़ी सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा को लेकर चुनावी मुद्दा लोगों की ओर से बनाया जा रहा है। घाड़ क्षेत्र में परिवहन की समस्या भी चुनाव में उठ रही है।
सीट का संक्षिप्त इतिहास
नए परिसीमन के बाद 2012 में अस्तित्व में सीट पर पहला चुनाव भाजपा के चंद्रशेखर प्रधान ने जीता था। दूसरे चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुरेश राठौर ने जीत दर्ज की थी। इस बार दूसरी बार वह फिर से चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं।
मतदाता:
कुल- 116856
पुरुष- 62226
महिला- 54483
इनके बीच मुकाबला
क्षेत्र में विकास कार्यों के आधार पर जनता का अपार समर्थन मिल रहा है। जनता अन्य दलों के बहकावे में नहीं आ रही है। जिससे वह फिर से भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
- सुरेश राठौर, भाजपा प्रत्याशी
क्षेत्र में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। बसपा में लोगों को विश्वास जगा है। जिससे उनकी जीत होने जा रही है।
- शीशपाल, बसपा प्रत्याशी
कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने के लिए जनता ने परिवर्तन का मूड बना लिया है। वह विकास के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कांग्रेस को क्षेत्र के मतदाता जिताने जा रहे हैं। - रवि बहादुर, कांग्रेस प्रत्याशी
मतदाता:
कुल- 116856
पुरुष- 62226
महिला- 54483
इनके बीच मुकाबला
क्षेत्र में विकास कार्यों के आधार पर जनता का अपार समर्थन मिल रहा है। जनता अन्य दलों के बहकावे में नहीं आ रही है। जिससे वह फिर से भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे।
- सुरेश राठौर, भाजपा प्रत्याशी
क्षेत्र में विकास के नाम पर कुछ नहीं किया गया है। जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है। बसपा में लोगों को विश्वास जगा है। जिससे उनकी जीत होने जा रही है।
- शीशपाल, बसपा प्रत्याशी
कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने के लिए जनता ने परिवर्तन का मूड बना लिया है। वह विकास के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इससे कांग्रेस को क्षेत्र के मतदाता जिताने जा रहे हैं। - रवि बहादुर, कांग्रेस प्रत्याशी