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उत्तराखंड चुनाव 2021: पार्टी में मचे घमासान पर लगा विराम, सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

Sun, 25 Jul 2021 10:00 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 25 Jul 2021 10:00 AM IST
सार

पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने खुद आगे आकर स्थिति स्पष्ट की। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में यादव ने बताया कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन उनके चेहरे को आगे रखकर पार्टी चुनाव में जाएगी, ऐसा बयान किसी ने जारी नहीं किया है।

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uttarakhand election 2022: in uttarakhand congress fight election in group leading
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड कांग्रेस में विभिन्न ओहदों पर सूची जारी होने के बाद चेहरे पर सियासत शुरू हो गई। पार्टी का एक गुट जहां पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव में जाने की बात कह रहा है, वहीं दूसरा गुट इसका विरोध कर रहा है। इन सबके बीच पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने साफ किया है कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और सत्ता में आने पर विधायक दल ही अपने नेता का चुनाव करेगा। 

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हरीश रावत को चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी का एक गुट लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि हरीश रावत ही पार्टी का सीएम का चेहरा हैं। पार्टी उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के इस मामले में अलग-अलग बयान सामने आए।
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चुनाव 2022: उत्तराखंड कांग्रेस में ओहदों की जंग निपटी तो अब मुख्यमंत्री चेहरे की सियासत शुरू
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कांग्रेस मुख्यालय में भी शनिवार को इस बात को लेकर चर्चाओं का दौर जारी रहा। इस पर पार्टी प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने खुद आगे आकर स्थिति स्पष्ट की। अमर उजाला से फोन पर बातचीत में यादव ने बताया कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। लेकिन उनके चेहरे को आगे रखकर पार्टी चुनाव में जाएगी, ऐसा बयान किसी ने जारी नहीं किया है।

देवेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव सामूहिक नेतृत्व में एकजुट होकर ही लड़ा जाएगा। सत्ता में आने पर चुने गए विधायक और पार्टी आलाकमान इस मुद्दे पर फैसला लेंगे। 

पोस्टर राजीनति से पार्टी का वातावरण न बिगाड़ें: हरीश रावत

पूर्व सीएम हरीश रावत भी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने को तैयार हैं। यह बात उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट की है। उन्होंने लिखा है कि राज्य में केवल अध्यक्ष पद पर चेहरा बदला है, नेतृत्व आज भी वही पुराना है।

पार्टी कार्यकर्ताओं को सीख देते हुए उन्होंने लिखा है कि अपने पोस्टरों में, अपने व्यवहार में, सभी नेताओं को महत्व दें। नेतृत्व एक दिन में ही नहीं बनता है, पोस्टरों की राजनीति से न कोई बनता है, न बिगड़ता है, हां पार्टी का वातावरण जरूर बिगड़ जाता है।

सभी के सुझावों से तैयार होगा चुनाव घोषणा पत्र : धस्माना
कांग्रेस में प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष व अन्य प्रमुख नेताओं के मार्गदर्शन व प्रदेश की आम जनता, समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के सुझावों से ही पार्टी का आगामी चुनाव घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा। पार्टी द्वारा गठित चुनाव घोषणा पत्र समिति के संयोजक व पार्टी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने यह बात कही। 

शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी मैनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष नवप्रभात से बातचीत कर कमेटी के सदस्यों की बैठक आयोजित कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। 

गोदियाल का अध्यक्ष बनना भाजपा के लिए खतरे की घंटी : धीरेंद्र 
उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर पूर्व विधायक गणेश गोदियाल की नियुक्ति को भाजपा के लिए खतरे की घंटी बताया है। मीडिया को जारी बयान में धीरेंद्र ने कहा प्रीतम सिंह ने चार साल में कांग्रेस को जो मजबूती दी है, अब हरीश रावत, प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल मिलकर इसमें सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल ने रमेश पोखरियाल निशंक जैसे जमीनी और बड़े नेता को घर बिठाने और पौड़ी जिला छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। इधर, पूर्व राज्य मंत्री मनीष कुमार ने कहा कि हाईकमान ने सोच समझ कर यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया कि जब कांग्रेस को सत्ता में वापसी के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।

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