Uttarakhand Assembly Election 2022: आप नेता कर्नल कोठियाल ने कहा- मिली बड़ी जिम्मेदारी, हरीश रावत ने केजरीवाल के दावों पर किया वार
Uttarakhand Assembly Election 2022: अजय कोठियाल ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सीएम चेहरा घोषित कर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इससे राज्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सीएम पद का चेहरा कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि देश की रक्षा के लिए गोलियां खाई हैं। अब उत्तराखंड नवनिर्माण के लिए भी गोली खाने से परहेज नहीं करेंगे। 20 साल पहले प्रदेश के लोगों ने जो सपना देखा था, उसके लिए आप पार्टी युद्ध लड़ेगी।
प्रदेश कार्यालय में आप नेता ने कहा कि प्रेसवार्ता में कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सीएम चेहरा घोषित कर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इससे राज्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि फौज में रहते हुए उन्होंने देश सेवा के लिए गोलियां खाई और अब उत्तराखंड नवनिर्माण के लिए गालियां भी पड़े तो वो किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। उत्तराखंड नवनिर्माण का संकल्प पूरी कर्तव्यनिष्ठा से निभाएंगे। उत्तराखंड नवनिर्माण के सपनों को पूरा करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
सत्ता में काबिज भाजपा से प्रदेश के लोगों का भरोसा उठने लगा है। वहीं, कांग्रेस में आपसी खींचतान है। आप पार्टी ने दिल्ली में जो सफल मॉडल धरातल पर उतारे हैं, उसे सरकार बनते ही उत्तराखंड में भी लागू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देवभूमि को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की जो बात कही है, पार्टी उस सपने को जरूर पूरा करेगी। इससे उत्तराखंड को देश दुनिया में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड नव निर्माण संकल्प को लेकर वे लगातार काम करते रहेंगे।
आंकड़े देखिए, नेता जी के दावों की हवा निकल जाएगी
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उत्तराखंड दौरे के दौरान दिए बयानों पर वार किया है।
हरीश ने बिना किसी का नाम लिए अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि दिल्ली से आए एक मेहमान नेता ने दावा किया कि उनके उत्तराखंडी सहयोगी ने 10 हजार से ज्यादा लड़कों को आर्मी में भर्ती की ट्रेनिंग दी है। कइयों को भर्ती कराया है।
हरीश ने सवाल किया जरा पिछले पांच साल में आर्मी में भर्ती के आंकड़े देख लीजिए, नेताजी के दावे की हकीकत सामने आ जाएगी। जहां तक लड़के-लड़कियों को प्रशिक्षण देने का सवाल है, हमारी सरकार ने 2016 में आर्मी के सेवानिवृत्त जेसीओज को कॉलेजों में जाकर प्रशिक्षण देने की योजना प्रारंभ की थी, जिसे वर्तमान सरकार ने बंद कर दिया।
अपने बेटे आनंद रावत का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि वह भी लड़के-लड़कियों को इस प्रकार का प्रशिक्षण देते रहते हैं। लेकिन वह तो विधायक के भी उम्मीदवार नहीं हैं।