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Uttarakhand Election 2022: आम आदमी पार्टी को झटका, रविंद्र जुगरान भाजपा में शामिल
Sat, 08 Jan 2022 06:51 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 08 Jan 2022 06:51 PM IST
सार
शनिवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की उपस्थिति में जुगरान भाजपा में शामिल हुए।
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रविंद्र जुगरान
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड में सरकार बनाने का सपना देख रही आम आदमी पार्टी को विधानसभा चुनाव के एलान से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र जुगरान ने आम आदमी पार्टी से त्यागपत्र देकर भाजपा में वापसी कर ली है।
जुगरान मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी की सरकार में आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष रहे। वह एक साल पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन आप में वह अपने मिजाज के हिसाब से सक्रिय नहीं रह पाए। पिछले काफी समय से वह निष्क्रिय थे और तीन दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मसले को लेकर मुलाकात की थी। उनकी मांग पर सीएम ने सकारात्मक रुख दिखाया। इसके बाद शनिवार को जुगरान की भाजपा में वापसी हो गई।
पार्टी के हरिद्वार रोड स्थित मीडिया सेंटर में प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक ने रविन्द्र जुगरान को एक सादे कार्यक्रम में उन्हें शामिल कराया। इस मौके पर अध्यक्ष ने कहा कि जुगरान के अनुभवों और क्षमताओं का लाभ पार्टी के आगामी चुनावों में अवश्य मिलेगा। मदन कौशिक ने बताया कि जुगरान पार्टी के बहुत ही जुझारू और कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। वह राज्य आंदोलन के उन गिने चुने चेहरों में शामिल रहे है, जिन्हें आज भी लोग आंदोलनकारी के रूप में पहचानने हैं। छात्र राजनीति के शीर्ष नेता होने से लेकर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में दर्जाधारी राज्य मंत्री के तौर पर भी सफलतापूर्वक दायित्व निर्वहन किया है। जुगरान ने पार्टी में शामिल होने को अपनी घर वापसी बताया।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूर्व में 25 वर्ष भाजपा संगठन में कार्य किया है। कुछ समय के लिए जरूर वह पार्टी से बाहर थे, लेकिन जब प्रदेश के विकास और लोक कल्याण के लिए पार्टी का विकल्प चुनने का मौका आया तो उन्होंने पाया कि आज भी उनके जेहन में भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों के अतिरिक्त कुछ नहीं ठहरता है। लिहाजा भाजपा में आना मेरी सिर्फ इच्छा ही नहीं मेरे विचारों अंतिम संकल्प भी है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश सुमन ध्यानी, ऋषिराज डबराल, राजीव तलवार, अजीत नेगी आदि पार्टी पदाधिकारी शामिल थे।
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जुगरान मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी की सरकार में आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष रहे। वह एक साल पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन आप में वह अपने मिजाज के हिसाब से सक्रिय नहीं रह पाए। पिछले काफी समय से वह निष्क्रिय थे और तीन दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य आंदोलनकारियों के 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मसले को लेकर मुलाकात की थी। उनकी मांग पर सीएम ने सकारात्मक रुख दिखाया। इसके बाद शनिवार को जुगरान की भाजपा में वापसी हो गई।
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पार्टी के हरिद्वार रोड स्थित मीडिया सेंटर में प्रदेशाध्यक्ष मदन कौशिक ने रविन्द्र जुगरान को एक सादे कार्यक्रम में उन्हें शामिल कराया। इस मौके पर अध्यक्ष ने कहा कि जुगरान के अनुभवों और क्षमताओं का लाभ पार्टी के आगामी चुनावों में अवश्य मिलेगा। मदन कौशिक ने बताया कि जुगरान पार्टी के बहुत ही जुझारू और कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। वह राज्य आंदोलन के उन गिने चुने चेहरों में शामिल रहे है, जिन्हें आज भी लोग आंदोलनकारी के रूप में पहचानने हैं। छात्र राजनीति के शीर्ष नेता होने से लेकर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में दर्जाधारी राज्य मंत्री के तौर पर भी सफलतापूर्वक दायित्व निर्वहन किया है। जुगरान ने पार्टी में शामिल होने को अपनी घर वापसी बताया।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने पूर्व में 25 वर्ष भाजपा संगठन में कार्य किया है। कुछ समय के लिए जरूर वह पार्टी से बाहर थे, लेकिन जब प्रदेश के विकास और लोक कल्याण के लिए पार्टी का विकल्प चुनने का मौका आया तो उन्होंने पाया कि आज भी उनके जेहन में भाजपा के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों के अतिरिक्त कुछ नहीं ठहरता है। लिहाजा भाजपा में आना मेरी सिर्फ इच्छा ही नहीं मेरे विचारों अंतिम संकल्प भी है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रदेश संगठन मंत्री अजय कुमार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश सुमन ध्यानी, ऋषिराज डबराल, राजीव तलवार, अजीत नेगी आदि पार्टी पदाधिकारी शामिल थे।