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उत्तराखंड : प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों के दिवाली बोनस की राह बनी, वित्त विभाग ने दिया परीक्षण का आदेश
Thu, 22 Oct 2020 11:38 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 22 Oct 2020 11:38 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : pixabay
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प्रदेश के करीब ढाई लाख कर्मचारियों के दिवाली बोनस की राह भी अब प्रदेश में बन रही है। बुधवार को केंद्र की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह बोनस जारी कर दिया। वित्त विभाग ने भी इस जीओ के परीक्षण का आदेश दिया है।
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प्रदेश के करीब ढाई लाख कर्मचारी हैं जिन्हें दिवाली तक प्रदेश सरकार सात हजार रुपये तक का बोनस देती आई है। इस पर करीब सवा सौ करोड़ रुपये का खर्च आता है। इस बार कोरोना के कारण प्रदेश सरकार वित्तीय दबाव में है और इस कारण इस मामले को लेकर वित्त विभाग भी चुप है।
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बुधवार को केंद्र से आदेश जारी होने के बाद वित्त विभाग भी हरकत में आया है। प्रदेश में यह बोनस दिवाली के करीब दिया जाना है और इसको देखते हुए वित्त ने भी तैयारी शुरू कर दी है। यह मामला आखिकार मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा।
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वित्त सचिव अमित नेगी ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश का परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जाएगा। पीआरडी जवानों सहित अन्य तदर्थ कर्मियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों के मुताबिक केंद्र की ओर से छह माह की सतत सेवा के आधार पर बोनस देना स्वीकार किया गया है। सेंटर से वेतन में पैरिटी होने के कारण ही केंद्र की ओर से आदेश होने पर कर्मचारियों को उम्मीद रहती है कि प्रदेश में उन्हें भी लाभ मिल जाएगा।
शिक्षकों को सातवें वेतनमान के एरियर का होगा भुगतान
प्रदेश में बेसिक के जिन शिक्षकों को सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान नहीं हुआ उन्हें शीघ्र उसका भुगतान किया जाएगा। शासन ने इस तरह के शिक्षकों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर 25 अगस्त 2020 को शासन में बैठक हुई थी। जिसका शिक्षा विभाग की ओर से कार्यवृत्त जारी करते हुए विभिन्न लंबित मांगों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों की वेतन विसंगति के संबंध में कहा गया है कि समस्त जिला शिक्षा अधिकारी विकासखंड वार इसकी सूची तैयार कर प्रस्ताव को कारण सहित निदेशालय को उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा कुछ जिलों में शिक्षकों के प्रमोशन रुके हुए हैं। प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली मे तय नियमों के अनुसार प्रमोशन की कार्रवाई की जाए। बैठक में शिक्षकों के लंबित प्रकरणों को तय समय के भीतर हल करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीएस रावत की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी इस संबंध में की गई कार्रवाई से निदेशालय को अवगत कराएं।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा रोडवेज कर्मियों के वेतन का मामला
उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिलने का मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने मामले में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को तत्काल बैठक बुलाने के निर्देश दिए। गुरुवार बैठक बुलाई गई है, जिसमें सचिव परिवहन, सचिव वित्त, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक व कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गोसाईं ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवहन निगम में चल रहे कर्मचारी संयुक्त परिषद के आंदोलन से अवगत कराया गया है। उन्हें बताया कि रोडवेज कर्मचारियों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से निगम की फौरी सहायता के लिए 100 करोड़ की आर्थिक सहायता जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि महासंघ की ओर से निगम की हालत सुधारने के लिए सरकार और शासन को 15 सुझाव सौंपे गए थे। इन सुझावों पर अमल किया जाए।
प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर 25 अगस्त 2020 को शासन में बैठक हुई थी। जिसका शिक्षा विभाग की ओर से कार्यवृत्त जारी करते हुए विभिन्न लंबित मांगों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों की वेतन विसंगति के संबंध में कहा गया है कि समस्त जिला शिक्षा अधिकारी विकासखंड वार इसकी सूची तैयार कर प्रस्ताव को कारण सहित निदेशालय को उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा कुछ जिलों में शिक्षकों के प्रमोशन रुके हुए हैं। प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली मे तय नियमों के अनुसार प्रमोशन की कार्रवाई की जाए। बैठक में शिक्षकों के लंबित प्रकरणों को तय समय के भीतर हल करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बीएस रावत की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी इस संबंध में की गई कार्रवाई से निदेशालय को अवगत कराएं।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा रोडवेज कर्मियों के वेतन का मामला
उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिलने का मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने मामले में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को तत्काल बैठक बुलाने के निर्देश दिए। गुरुवार बैठक बुलाई गई है, जिसमें सचिव परिवहन, सचिव वित्त, परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक व कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष दिनेश गोसाईं ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिवहन निगम में चल रहे कर्मचारी संयुक्त परिषद के आंदोलन से अवगत कराया गया है। उन्हें बताया कि रोडवेज कर्मचारियों को पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिला है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से निगम की फौरी सहायता के लिए 100 करोड़ की आर्थिक सहायता जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि महासंघ की ओर से निगम की हालत सुधारने के लिए सरकार और शासन को 15 सुझाव सौंपे गए थे। इन सुझावों पर अमल किया जाए।