Uttarakhand Disaster: टिहरी के ग्वाड़ गांव से बरामद किया एक और शव, लापता लोगों की तलाश जारी
19 अगस्त को बादल फटने से ग्वाड़ गांव में एक ही परिवार के 7 लोग जिंदा दफन हो गए थे। घटना के अगले दिन 20 अगस्त को ग्रामीणों ने स्वयं रेस्क्यू अभियान चलाकर राजेंद्र सिंह और उनकी पत्नी का शव बरामद कर लिया था।
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टिहरी में रेस्क्यू अभियान के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार देर शाम जौनपुर ब्लाक के आपदा प्रभावित ग्वाड़ गांव से एक और शव बरामद किया है। शव गांव से तीन किलोमीटर दूर मलबे और पत्थरों के बीच दबा हुआ था। गांव के लोगों ने शव की शिनाख्त कमांद की बेटी बीना(17 वर्ष) के रूप में की है। वहीं, लापता चल रहे परिवार के तीन अन्य सदस्यों की तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
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बता दें कि 19 अगस्त को बादल फटने से ग्वाड़ गांव में एक ही परिवार के 7 लोग जिंदा दफन हो गए थे। घटना के अगले दिन 20 अगस्त को ग्रामीणों ने स्वयं रेस्क्यू अभियान चलाकर राजेंद्र सिंह और उनकी पत्नी का शव बरामद कर लिया था। आपदा में लापता चल रही कमांद सिंह की मां, पत्नी , एक बेटा और बेटी की तलाश के लिए 21 अगस्त से एसडीआरएफ और पुलिस गांव में रेस्क्यू अभियान चला रही है।
23 अगस्त को एसडीआरएफ ने सर्च अभियान के दौरान कमांद सिंह की मां का शव आपदा में जमींदोज हुए मकान के समीप से ही मलबे और पत्थरों के बीच से बरामद किया था। एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान ग्वाड़ एक और शव बरामद किया गया है।
एसडीआरएफ ने बनाया वैकल्पिक अस्थायी पुल
सकलाना पट्टी के कुमाल्डा क्षेत्र में आई आपदा में एसडीआरएफ खूब पसीना बहा रही है। लापता लोगों की तलाश में जुटने के साथ ही वह गांव में कैद जरूरत लोगों को राशन पहुंचाने में आड़े आ रहे क्षतिग्रस्त रास्तों की मरम्मत भी कर रही है।
एसडीआरएफ के कमांडेट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बृहस्पतिवार को कुमाल्डा चौकी क्षेत्र में मोटर मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना मिलने पर मुख्य आरक्षी अनूप रमोला की अगुवाई में एसडीआरएफ की टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर चिफल्टी गदेरे पर वैकल्पिक अस्थायी पुल बनाकर ग्राम पंचायत ग्वारीडांडा और चिफल्डी गांव को जोड़ने के लिए गदेरे पर लकड़ी का अस्थायी पुल बनाकर आवागमन शुरू कराया है।