फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Disaster Monsoon rain destroyed roads and bridges worth 545 crore rupees

Uttarakhand Disaster: मानसून की बारिश से उत्तराखंड में हुआ बुरा हाल, तबाह हो गई 545 करोड़ की सड़कें और पुल

Tue, 05 Sep 2023 11:30 AM IST
अलका त्यागी विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विनोद मुसान, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 05 Sep 2023 11:30 AM IST
सार

पर्वतीय क्षेत्रों में बागेश्वर, हरिद्वार और चमोली में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश का ज्यादा असर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों और पुलों पर देखने को मिला है।

विज्ञापन
Uttarakhand Disaster Monsoon rain destroyed roads and bridges worth 545 crore rupees
मालन पुल टूटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस वर्ष प्रदेश में अभी तक सामान्य मानसून के बावजूद बारिश की तेज बौछारों ने सड़कों और पुलों को खूब धोया है। हालांकि, मानसून की विदाई में अभी भी 25 दिन का समय शेष है। इस दौरान तीन हजार से अधिक सड़कों को नुकसान पहुंचा, तो 92 पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

विज्ञापन


इन्हें पूर्ववत स्थिति में लाने के लिए प्रदेश सरकार को करीब 545 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करना पड़ेगा। 15 जून से शुरू हुए मानसून सत्र के बाद से अभी तक प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस वर्ष प्रदेश में वास्तविक 1055.1 मिमी के मुकाबले 1018.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
विज्ञापन


Uttarakhand: अक्तूबर से मिल सकती कैशलेस जांच व दवाइयों की सुविधा, तीन लाख से ज्यादा कर्मियों को मिलेगा लाभ
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्वतीय क्षेत्रों में बागेश्वर, हरिद्वार और चमोली में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश का ज्यादा असर पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कों और पुलों पर देखने को मिला है। मैदानी क्षेत्रों में हरिद्वार ज्यादा नुकसान दर्ज किया गया है। अभी तक सड़काें और पुलों को 54,538.12 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। इस दौरान जहां 3,105 सड़कों और 92 पुलों को नुकसान पहुंचा है।

अकेले पुलों को ही सुधारने के लिए 12020.41 लाख रुपये चाहिए, जबकि बीते वर्ष अगस्त में यह आंकड़ा बहुत पीछे था। वर्ष 2022 में 1990 सड़कों को नुकसान पहुंचा और मात्र 11 पुल क्षतिग्रस्त हुए थे। इसमें 9,856.73 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया था। इस लिहाज से इस वर्ष अभी तक 44,681.39 लाख रुपये अधिक का नुकसान हो चुका है।

इस दौरान ऑल वेदर रोड परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है। अतिवृष्टि से यहां करीब 200 लैंडस्लाइड जोन सक्रिय हैं। इनमें से फिलहाल 155 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, इनमें से 89 भूस्खलन क्षेत्रों के उपचार के लिए केंद्र सरकार की ओर से 971.68 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है।

मानसून के बाद उपचार का काम शुरू हो जाएगा। वहीं, प्रदेशभर में कुल सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों की संख्या 360 के आसपास रही। पहाड़ी से गिरे भारी मलबे और गदेरों में आई सिल्ट ने सड़कों को भारी नुकसान पहुंचाया। वहीं कई जगह सड़क धंस गई।

बारिश के कारण सड़कों और पुलों को भारी क्षति हुई है। पहली बार प्रतिदिन की रिपोर्ट अपडेट की जा रही है। प्राथमिकता सड़कों को खोलने की है। सड़कों और पुलों को पूर्ववत स्थिति में लाने के लिए भी काम शुरू कर दिया गया है। कुल कितनी क्षति हुई है इसका प्रारंभिक आकलन कर लिया गया है। मानसून के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। - डॉ. पंकज पांडेय, सचिव, लोनिवि

प्रदेश में 360 से अधिक डेंजर स्लिप जोन चिह्नित
अल्मोड़ा-95, बागेश्वर-14, नैनीताल-15, पिथौरागढ़-चार, चंपावत-तीन, उत्तरकाशी-सात, चमोली-27, रुद्रप्रयाग-33, टिहरी-96, देहरादून-14, पौड़ी-22, हरिद्वार-तीन।
(आंकड़े लोनिवि के अनुसार)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed