उत्तराखंड आपदा: प्रदेश में 77 पहुंचा मृतकों का आंकड़ा, 900 करोड़ का हुआ नुकसान
Uttarakhand Disaster: आपदा में सड़कों, पुलों, आवासीय और व्यावसायिक भवनों, फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पशु हानि भी हुई है। कई स्कूल भवन और अन्य सरकारी भवन भी इसकी जद में आए हैं।
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बीते दिनों उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद आई आपदा में हुए नुकसान की रिपोर्ट शासन को मिलने लगी है। अभी तक 10 से 12 विभागों की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर 900 करोड़ रुपये के नुकसान का प्राथमिक आकलन किया गया है। 232 से अधिक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। क्षति का आंकड़ा और भी बढ़ने के आसार हैं। वहीं, आपदा में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 77 पहुंच गया है।
आपदा में सड़कों, पुलों, आवासीय और व्यावसायिक भवनों, फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पशु हानि भी हुई है। कई स्कूल भवन और अन्य सरकारी भवन भी इसकी जद में आए हैं। सचिवालय स्थित राज्य परिचालन केंद्र के अनुसार आपदा में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए जिलों से विभागवार रिपोर्ट मांगी जा रही है। जिसके आधार पर क्षति का आकलन किया जा रहा है। अभी तक प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल जिले में 74 भवनों को क्षति पहुंची है, इनमें 19 भवन पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए, जबकि 55 भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा में 40 भवनों को नुकसान पहुंचा है, इनमें सात भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो गए, जबकि 33 भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है। चंपावत में दो भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है।
ऊधमसिंह नगर में चार भवन पूर्व रूप से ध्वस्त हो गए, जबकि 16 को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 74 झोपड़ियों के साथ सात गोशालाएं बाढ़ में बह गईं। जिले में अभी तक 78 बड़े पशुओं, 30 छोटे पशुओं और 31 हजार से अधिक कुक्कुट के मरने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। चमोली में 15 भवनों को क्षति पहुंची है।
जैसे-जैसे जिलों से विभागों की ओर नुकसान की रिपोर्ट भेजी जा रही है, क्षति का आकलन किया जा रहा है। कुल कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल दस से 12 विभागों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें प्राथमिक तौर पर करीब नौ सौ करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
- एसए मुरुगेशन, सचिव, आपदा प्रबंधन
आपदा में मरने वाला का आंकड़ा 77 पहुंचा
आपदा में मरने वाले लोगों का आंकड़ा 77 पहुंच गया है। हालांकि धरातल पर यह इससे कहीं अधिक बताया जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार आपदाग्रस्त जिलों में नैनीताल में सर्वाधिक 35 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच घायल हैं। अल्मोड़ा में छह मौतें, दो घायल, चंपावत में 11 मौतें, चार घायल, बागेश्वर में चार मौतें, यूएस नगर में दो मौतें, तीन घायल, पौड़ी में तीन मौतें, दो घायल, पिथौरागढ़ में तीन मौतें, दो घायल, चमोली में एक मौत, चार घायल और उत्तरकाशी में दस लोगों की मौत, जबकि दो लोग घायल हुए हैं।
चार सौ से अधिक स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा
उत्तराखंड में भारी बारिश चार सौ से अधिक सरकारी स्कूलों को भी नुकसान पहुंचने का अनुमान है। जहां कुछ स्कूल भवनों में पानी भर गया है, वहीं कई स्कूल भवन पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। इन स्कूलों कक्षाएं फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। आधिकारिक सर्वेक्षण अभी भी चल रहा है। नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर में सबसे अधिक स्कूल भवनों को नुकसान पहुंचा है। शासन ने जिलों से मुख्य शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट देने को कहा है। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि आपदा प्रभावित आठ जिलों में विभाग को करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट मिलने के बाद क्षति का आकलन किया जाएगा।
प्रदेश में आपदा से खेती किसानी को 97 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में आपदा से खेती किसानों को लगभग 97 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। कृषि विभाग ने फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को भेज दी है। सबसे ज्यादा नुकसान ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में हुआ है। प्रदेश में 18 व 19 अक्तूबर को आई आपदा से 45 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर धान समेत अन्य नकदी फसलें बर्बाद हुई हैं। ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, हरिद्वार समेत अन्य पर्वतीय जिलों में भारी बारिश से धान की फसल खराब हुई है। कृषि विभाग ने नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को भेज दी है। जिसमें 97 करोड़ का नुकसान आंका गया है।