केदारनाथ घाटी की गुफा में रहे थे 'पीएम' मोदी
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उत्तराखंड मनोनीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए वाकई ‘ऊर्जा’ प्रदेश रहा है। सियासी क्षितिज पर धूमकेतु की तरह उभरे मोदी को आध्यात्मिक और मानसिक ऊर्जा इसी प्रदेश से मिली।
उत्तराखंड की धरती पर ही बाबा रामदेव ने मोदी को बुलाकर उन्हें पहली बार प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर प्रोजेक्ट किया था।
बीते साल 16-17 जून की आपदा में भी मोदी भागे-भागे उत्तराखंड आए। न सिर्फ उन्होंने फंसे गुजरातियों को निकाला बल्कि केदारनाथ के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी रखा।
इसी घाटी में रहकर की मोदी ने साधना
सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने से पूर्व मोदी केदारनाथ की गुफा में साधना और बदरीधाम में आराधना कर चुके हैं।
मोदी का उत्तराखंड (अविभाज्य उत्तर प्रदेश) कनेक्शन 80 के दशक से शुरू हुआ था। मोदी ने गरुड़चट्टी की एक गुफा में एकाग्रता और आत्मविश्वास की वृद्धि के लिए दो सप्ताह से ज्यादा बाबा केदारनाथ की साधना की थी।
बदरीधाम में आराधना
मोदी मई 2010 में भी बदरीनाथ धाम के दर्शन को आए थे, लेकिन धाम में किसी प्रकार का राजनैतिक संकल्प नहीं लिया था। इससे पहले भी मोदी अस्सी के दशक में बदरीधाम के दर्शन कर चुके हैं।
मोदी के भाई ने बदरीधाम में करवाया था यज्ञ
वर्ष 2012 के सितंबर माह में बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मुराद लिए स्वयं मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी ने 65 ब्राह्मणों के साथ बदरीनाथ में तीन दिनों तक विष्णु यज्ञ का आयोजन किया था।
गुजरात से आए दल ने की थी पूजा
पिछले वर्ष जब जून माह की आपदा की आपदा के बाद अगस्त माह में गुजरात के 40 तीर्थयात्रियों के दल ने बदरीनाथ पहुंचकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर धाम में लाखों मंत्रों की आहूतियां दी थी।
बनारस की तरह हरिद्वार आना चाहते हैं मोदी
हरिद्वार धर्म की नगरी है। इससे मोदी का विशेष लगाव है। नरेंद्र मोदी भी एक संत हैं, सारे देश ने देख लिया कि उनके आभामंडल पर संतत्व छाया हुआ है। मोदी चाहते हैं कि बनारस की तरह यहां आकर गंगा आरती करें।
-स्वामी रामदेव, योगगुरु