जानिए कौन हैं उत्तराखंड कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष?
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प्रीतम सिंह उत्तराखंड की चकराता विधान सभा से विधायक हैं। अपने क्षेत्र में इनकी राजनीतिक पकड़ इतने मजबूत है कि कोई कांग्रेसी उनके खिलाफ टिकट की दावेदारी नहीं करता।
पिता पूर्व मंत्री स्व. गुलाब सिंह से विरासत में मिली राजनीति के बाद प्रीतम सिंह ने पहली बार 1991 में कांग्रेस के टिकट पर आरक्षित सीट चकराता से चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।
1993 के चुनाव में प्रीतम पहली बार विधायक बने। 1996 के चुनाव में उन्हें फिर से पराजय मिली। राज्य गठन के बाद 2002, 2007 व 2012 के विस चुनाव में चकराता से लगातार तीन बार विधायक बने।
सूबे की सियासत में ऊंचा कद होने की वजह से दो बार की कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। उनकी ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी पकड़ मानी जाती है और क्षेत्र में सक्रियता भी रहती है।
कांग्रेस के टिकट पर 2017 के विधान सभा चुनाव में प्रीतम ने निकटम प्रतिद्वंदी एवं भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी मधु चौहान को 1543 वोटों से हराया।
ये उपलब्धियां भी हैं इनके नाम
- उत्तराखंड के सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार से सम्मानित।
- जौनसार-बावर के त्यूणी, चकराता व कालसी में तीन तहसीलों का निर्माण और चकराता, त्यूणी व क्वांसी में तीन डिग्री कॉलेज की स्थापना।
- त्यूणी में नियमित पुलिस थाना व कांडोई-भरम में पशु चिकित्सालय की स्थापना।
- त्यूणी में 34 करोड़ की लागत से सौ बैड क्षमता के राजकीय अस्पताल व नर्सिंग कॉलेज की आधारशिला रखी।
- छह हाईस्कूलों व 14 जूनियर हाईस्कूलों का उच्चीकरण।
- श्री महासू मंदिर हनोल, लाखामंडल व चकराता के टाइगर फॉल में 11 करोड़ की लागत से पर्यटन विकास कार्य।
- त्यूणी, क्वांसी, पजिटीलानी, लाखामंडल, लखवाड़, अटाल व धिरोई में सात मिनी स्टेडियम का निर्माण।
- क्वांसी व साहिया में दो पॉलीटेक्निक संस्थान और लाखामंडल व कालसी में आईटीआई की स्थापना।
- बिनसोन में एटीएस भवन का निर्माण और त्यूणी व कोरुवा में कस्तूबरा गांधी राजकीय बालिका छात्रावास की स्थापना।