उत्तराखंड: पूर्व सीएम हरीश रावत बोले, 2022 में सत्ता में आएंगे, 2024 तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाएंगे
- द्वाराहाट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया वादा
- प्रदेश में बेरोजगारी को लेकर सरकार पर बोला हमला
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को भी प्रदेश सरकार पर हमलावर दिखे। पूर्व सीएम रावत ने बेरोजगारी को लेकर प्रदेश सरकार पर जमकर तंज कसे। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में रोजगार की हत्या कर दी। प्रदेश में बेरोजगारी का ग्राफ देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा काफी अधिक है। द्वाराहाट में उन्होंने वादा किया कि 2022 में कांग्रेस की सरकार आने पर 2024 तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा।
बागेश्वर में पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया के आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए दिग्गज कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुराने रोजगार समाप्त कर दिए हैं और नए पद सृजित नहीं किए। कहा कि सत्ता में रहते हुए उनकी सरकार ने केवल एक साल में 20 हजार पद भरे थे। कांग्रेस की सरकार ने जो रोडमैप तैयार किया था, उसके अनुसार अब तक प्रदेश में 16 से 18 हजार नियुक्तियां हो जानी चाहिए थी, लेकिन एक भी नियुक्ति प्रदेश सरकार नहीं कर पाई।
देशभर में 30 प्रतिशत बेरोजगारी बढ़ी है, जबकि उत्तराखंड में यह आंकड़ा 32 प्रतिशत पहुंच गया है। कहा कि पिछले साढ़े तीन में अधीनस्थ चयन आयोग ने रिक्त पदों के सापेक्ष जो भी विज्ञप्तियां निकाली प्रदेश सरकार ने अलग-अलग स्टेज पर उनकी हत्या कर दी। यानी कोई नियुक्तियां की ही नहीं की गई। रावत ने कहा कि बेरोजगारी के सवाल पर यूथ कांग्रेस देशभर में कार्यक्रम चला रही है। इस मुद्दे पर जल्दी वह एक दिन का उपवास करेंगे।
द्वाराहाट में जिला पंचायत अध्यक्ष उमा बिष्ट और पूर्व विधायक मदन बिष्ट के आवास पर कार्यकर्ताओं ने पूर्व सीएम का जोरदार स्वागत किया। गैरसैंण से बग्वालीपोखर पहुंचे हरीश रावत ने कहा कि वह गैरसैंण में ग्रीष्मकालीन सरकार से भेंट करने गए थ, लेकिन भाजपा की ग्रीष्मकालीन राजधानी का कहीं पता नहीं है। न वहां सचिव है और न ही काई मंत्री। रावत ने कहा कि 2022 में कांग्रेस की सरकार आएगी और 2024 तक गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाएंगे।
गरुड़ में हरीश रावत ने राज्य अतिथि ग्रह कौसानी में पौधरोपण किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वन पंचायत नियमावली में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर वन पंचायत सरपंचों, वन पंचायत सरपंच संगठन और वन पंचायत संघर्ष मोर्चा के साथ व्यापक विचार विमर्श किया जाएगा।
कांग्रेस वन पंचायतों की स्वायत्तता के साथ छेड़छाड़ बरदाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कैंपा और जायका जैसी परियोजना का धन वन और वनवासियों के विकास में खर्च करने की बात की। सितंबर में वन पंचायत बचाओ मोर्चा के सम्मेलन में आने की सहमति भी दी।
‘भाजपा ने भ्रष्टाचार का सरकारीकरण किया’
पत्रकारों से मुखातिब होने हुए पूर्व सीएम हरीश ने कहा कि प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। उनकी सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का काम किया। इस सरकार ने सब ठंडे बस्ते में डाल दिया। कहा कि भाजपा ने भ्रष्टाचार सरकारीकरण कर दिया है। आपदा मद का सारा काम कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा है। कोरोना को अपनी अर्थ व्यवस्था सुधारने का जरिया बना दिया गया है।
कम से कम सड़कें तो दुरुस्त रखो
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्षाकाल में तक सड़कों की देखभाल नहीं कर पा रही है। बंद सड़कों को खोलने का काम नहीं हो रहा है। नई सड़कें नहीं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम सड़कों को दुरुस्त रखना चाहिए।
छह मासी जागर में हूं, जागर लगता है तो देवता नाचने लगते हैं
बागेश्वर। गैंरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी पर हो रही सियासत के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि इस समय वह छह मासी जागर पर हैं। जागर जब लगाया जाता है तो देवता नाचने लगते हैं। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राजधानी बनने से उत्तराखंड के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी। राज्य के हर क्षेत्र के लिए अच्छे अवसर पैदा होंगे।