Uttarakhand Congress: सालाना शुल्क पर गरमाई सियासत...आलाकमान ने तय किए 1700, पीसीसी वसूल रही 2500
आलाकमान के पत्र में सदस्यता शुल्क 1700 रुपये निर्धारित किया गया है लेकिन प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी पत्र में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) से 2500 रुपये सालाना शुल्क जमा करने का जिक्र है।
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कांग्रेस को लेकर देश में सियासत राहुल गांधी की सजा और उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द होने से गरमाई है। वहीं उत्तराखंड में कांग्रेस अपने पीसीसी सदस्यों से ज्यादा सालाना शुल्क वसूले जाने के पत्र को लेकर विवादों में है। सोशल मीडिया पर शुल्क वसूली के संबंध में एआईसीसी और पीसीसी के पत्र वायरल हो रहे हैं।
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आलाकमान के पत्र में सदस्यता शुल्क 1700 रुपये निर्धारित किया गया है लेकिन प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी पत्र में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) से 2500 रुपये सालाना शुल्क जमा करने का जिक्र है। प्रदेश संगठन महामंत्री मथुरा दत्त जोशी ने शुल्क निर्धारण को लेकर किसी भी तरह के घपले की संभावना से साफ इंकार किया है। उनका कहना है कि जो फीस वसूली जा रही है, पार्टी उसकी रसीद दे रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पत्र
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक पत्र अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल का है। इस पत्र में हर पीसीसी सदस्य से पार्टी 1700 रुपये शुल्क लेने का जिक्र है। दूसरा पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने जारी किया है। इसमें 2500 रुपये सालाना शुल्क जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में पीसीसी सदस्यों से सालाना फीस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मजेदार बात यह है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि वह पहाड़ में हैं। प्रकरण उनकी जानकारी में नहीं है।
प्रदेश संगठन महासचिव मथुरादत्त जोशी के मुताबिक यह किसी तरह का कोई घपला नहीं है। जो शुल्क लिया जा रहा है, वह सही है। इस शुल्क में से 1700 रुपये एआईसीसी में जमा किए जा रहे हैं जबकि आठ सौ रुपये पीसीसी में जमा किए जा रहे हैं। जो शुल्क लिया जा रहा है, पीसीसी सदस्यों को इसकी रसीद दी जा रही है।