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सीएम की पत्नी की एफआईआर: सत्यापन में असली पाए गए सुनीता के शैक्षिक दस्तावेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 31 Jul 2018 07:40 PM IST
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trivendra singh rawat
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की पत्नी सुनीता रावत के बारे में सुभाष शर्मा की सारी बातें एक-एक कर मिथ्या साबित हो रही हैं। पुलिस के सूत्रों के मुताबिक सत्यापन में सुनीता रावत के हाईस्कूल से लेकर बीएड तक के सभी प्रमाणपत्र असली पाए गए हैं।
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पांच दिन पूर्व देहरादून से गई पुलिस टीमों ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों, विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद में इनका सत्यापन कर जानकारी अधिकारियों को दी है। हालांकि, टीम देहरादून वापस नहीं लौटी हैं। इस मामले में एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने भी टीमों के लौटने के बाद अधिकृत रूप से जानकारी देने की बात कही है।
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सामाजिक कार्यकर्ता व पूर्व भाजपा नेता शर्मा का कहना था कि सुनीता केवल हाईस्कूल तक ही पढ़ी हैं। कहा था कि सुनीता ने हाईस्कूल के बाद की पढ़ाई में इंटरमीडिएट के समकक्ष कोई कोर्स किया है, जो कि नौकरी के लिए अमान्य है।
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'अभी पुलिस टीमें वापस नहीं लौटी हैं'
शर्मा ने विभिन्न प्रेस वार्ताएं कर और सोशल मीडिया पर वायरल किया कि सुनीता को 1992 में नौकरी तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कहने पर मिली थी। इस मामले में सुनीता रावत ने शर्मा के खिलाफ डालनवाला थाने में प्रतिष्ठा को धुमिल किए जाने आरोप और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके बाद सुनीता ने पुलिस को अपने सभी शैक्षिक प्रमाण पत्रों को पुलिस को उपलब्ध करा दिया। इसमें उनके हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीटीसी और बीएड के प्रमाणपत्र शामिल हैं। इस तरह शर्मा का यह आरोप कि सुनीता केवल हाईस्कूल पास हैं प्रथमदृष्टया गलत साबित हो गया।
प्रमाणपत्रों को हासिल करने के बाद पुलिस ने इनकी जांच को गढ़वाल विश्वविद्यालय, पौड़ी का राजकीय कन्या विद्यालय और माध्यमिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद को टीमें रवाना की गई थीं। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों से जानकारी मिली है कि टीमों ने सभी प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर लिया है, जिसमें सभी दस्तावेज असली पाए गए हैं। हालांकि, इसकी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
अभी पुलिस टीमें वापस नहीं लौटी हैं। इसलिए मैं इस विषय में कुछ भी बताने में असमर्थ हूं। लेकिन, जब टीमें वापस आएंगी तब मैं कुछ बता सकती हूं।
- निवेदिता कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक