फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand CM Trivendra singh rawat told, Disaster Affected will Stay on forest land

उत्तराखंड: आपदा से विस्थापित गांवों को वन भूमि पर बसाएंगे: सीएम त्रिवेंद्र

Sun, 23 Aug 2020 10:20 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 23 Aug 2020 10:20 AM IST
सार

  • सीएम ने दिया केंद्र को प्रस्ताव भेजने का निर्देश, जिलाधिकारियों से मांगे प्रस्ताव, भूमि बैंक बनाने को कहा
  • आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को तीन दिन के अंदर मुआवजा देने के निर्देश

विज्ञापन
Uttarakhand CM Trivendra singh rawat told, Disaster Affected will Stay on forest land
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

आपदा से प्रभावित गांवों के विस्थापन के लिए उत्तराखंड सरकार अब वन भूमि का उपयोग करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारियों को इस तरह का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का आदेश भी दिया है। 

विज्ञापन


सीएम ने जिलाधिकारियों से यह भी कहा है कि विस्थापित होने वाले गांवों के लिए भूमि बैंक भी बनाया जाए। विस्थापित होने वाले गांवों की सूची भी बनाई जाए। सीएम ने इसके साथ ही आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को तीन दिन के अंदर-अंदर मुआवजा देने का आदेश भी जारी किया। सीएम ने कहा कि सड़कों को कम से कम समय में खोला जाए। आपदा के कारण जिन लोगों को अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है, उनके रहने और खाने की सही व्यवस्था की जाए। 
विज्ञापन


395 गांव चिह्नित, 54 गांव पर संकट, 26 गांवों के विस्थापन को स्वीकृति
आपदा प्रभावित गांवों के विस्थापन की भूमि जुटाने का निर्देश सीएम को ऐसे ही नहीं देना पड़ा है। प्रदेश में अभी तक 395 गांव आपदा संवेदनशील माने गए हैं। आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट के मुताबिक 54 गांव तो ऐसे हैं जिनके तुरंत विस्थापन की जरूरत है। 26 गांवों के विस्थापन के लिए 26 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। इस मामले को लेकर आयुक्त कुमाऊं मंडल की अध्यक्षता में एक समिति भी गठित है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मानसून पड़ा भारी, अब तक 62 लोग गंवा चुके हैं जान

आपदा प्रबंधन प्रभारी सचिव एसए मुरुगेशन ने बताया कि मानसून में आपदा के कारण अब तक 62 लोग जान गंवा चुके हैं, 33 घायल हुए और चार लोग लापता हैं। 357 छोटे और बड़े पशुओं का नुकसान हुआ और 237 मकान पूरी तरह से ध्वस्त हुए। पिथौरागढ़ में भारी बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। 

पैसे की कमी नहीं, जिलाधिकारियों को 103 करोड़ दिए गए
सीएम ने बताया कि आपदा मद में जिलाधिकारियों को 103 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा 5-5 लाख रुपये उन्हें अतिरिक्त दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने आपदा मद में करीब 468 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। आपदा से संबंधित काम के लिए अन्य विभागों को 189 करोड़ रुपये दिए गए हैं। 

मुआवजा मिल रहा है समय से
आपदा प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को तीन दिन में मुआवजा दिया जा रहा है। मुआवजे को लेकर कहीं से कोई शिकायत भी अभी तक सामने नहीं आई है। पुनर्वास के तहत भवन निर्माण के लिए प्रति परिवार चार लाख रुपये, भूूमि सुधार और गौशाला निर्माण के लिए 15-15 हजार रुपये, विस्थापन भत्ता दस हजार, स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए 28 हजार रुपये दिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed