सीएम त्रिवेंद्र बोले, हक में फैसला आया तो ठीक, नहीं तो सरकार लाएगी अलग नजूल नीति
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अदालत से सरकार के हक में फैसला आया तो ठीक, नहीं तो राज्य सरकार अलग से नजूल नीति लाकर नजूल भूमि पर मालिकाना हक देगी। यह बात बुधवार को यहां इंदिरा गांधी खेल मैदान में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कही। सीएम ने कहा कि नजूल की भूमि पर अधिकतर पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित हुए लोग ही बसें हैं। नजूल पर बसे लोगों के लिए सरकार समाधान निकाल रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की 20 माह की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि सरकार में आते ही उन्होंने भ्रष्टाचार रोकने का वादा किया था। हमने 20 माह में ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई। इससे पहले प्रदेश में संस्थागत भ्रष्टाचार फैला था। पूर्व सीएम कहते थे कि ‘खाता न बही, जो हरदा कहे वही सही’ लेकिन कांग्रेस सरकार में ट्रांसफर और पोस्टिंग गिरोहबंद भ्रष्टाचार बन चुका था। बिना रुपये के कोई इधर से उधर नहीं हो सकता था। सरकार में आते ही हमने उस काम को पूरी तरह बंद करा दिया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रभारी मंत्री मदन कौशिक की मौजूदगी में बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में हुई समीक्षा बैठक में सीएम ने निर्माण कार्यों में हीलाहवाली करने वाले ठेकेदारों को 10 साल के लिए ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। उन्होंने उन्होंने लोनिवि के अफसरों को तलब कर निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही की जांच करने और जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
उन्होंने कमिश्नर को निर्देश दिए कि सभी कार्यदायी संस्थाओं के कार्यों की समीक्षा कर उनकी जवाबदेही तय की जाए। यह भी कहा कि बांड भरते समय काम पूरा होने की मियाद का सख्ती से पालन कराएं। समीक्षा बैठक में किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि बजट आवंटित होने के बावजूद नगला-लालपुर मार्ग का कार्य पूरा नहीं हुआ है। विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि सिडकुल की अटरिया रोड और बिंदुखेड़ा रोड का कार्य अब तक अधूरा है।
इसी तरह सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा ने कहा कि तिलियापुर पुल और देवनगर में कटना नदी पर पुल चार साल बाद भी नहीं बन सका है। पुल निर्माण को पूरा करने की मियाद डेढ़ वर्ष की थी। विधायक सौरभ ने कहा कि यूपी में मिट्टी पर रॉयल्टी नहीं ली जाती है लेकिन प्रदेश में बहुत अधिक रॉयल्टी ली जाती है, किसान हित में इसे कम किया जाए। एससी वर्ग के बच्चों को काफी समय से छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है। दोनों मामलों में कार्यवाही का आश्वासन दिया। जसपुर विधायक आदेश चौहान ने कृषि यंत्रों में सब्सिडी योजना का पात्रों का फायदा नहीं मिलने की शिकायत रखी। सीएम ने डीएम को मामले की जांच कर कार्यवाही के निर्देश दिए।
-राज्य में अपने खेतों से मिट्टी निकालने वाले किसानों की रॉयल्टी कम करने और व्यवहारिक बनाया जाएगा।
-मुख्यमंत्री ने किच्छा चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट लगेगा।
-किच्छा क्षेत्र के भूमिहीनों को जमीन मिलेगी। इसके लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
-किच्छा क्षेत्र में वर्ग चार की भूमि पर काबिज लोगों के लिए मालिकाना हक देने के लिए 31 मार्च तक की अवधि बढ़ी। आवेदन शुल्क पुराने सर्किल रेट पर ही लगेगा।
-किच्छा में आईटीआई कॉलेज के भवन का निर्माण होगा।
-किच्छा अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती होगी।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं
-ग्रामीण क्षेत्र के 20 किमी आंतरिक मार्गों की मरम्मत और निर्माण होगा।
-किच्छा के बीचोंबीच बहने वाली लेफ्ट पाहा नहर को कवर कर सड़क बनाई जाएगी।
-राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में चार नए कक्षा कक्ष बनाए जाएंगे।
-प्राग फार्म में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की मूर्ति लगाई जाएगी।
-खुरपिया फार्म की 80 एकड़ से अधिक भूमि पर तहसील, फायरब्रिगेड, एसडीएम आवास के साथ ही रोडवेज बस अड्डे का निर्माण होगा।
-खुरपिया फार्म में एक हजार एकड़ जमीन उद्योग के लिए आरक्षित रहेगी।
-हल्द्वानी मार्ग से अंजनिया को जोड़ने वाली चार किमी सड़क का चौड़ीकरण होगा।
-रुद्रपुर में महतोष मोड़ से नवाबगंज को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण होगा।