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उत्तराखंड: सीएम त्रिवेंद्र ने अधिकारियों को दिए निर्देश, कोरोनाकाल में फिजूलखर्ची से बचें 

Wed, 07 Oct 2020 10:21 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 07 Oct 2020 10:21 PM IST
सार

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को लेकर हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
  • कहा, विकास योजनाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए

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Uttarakhand: CM Trivendra Singh rawat gave instructions to officials, avoid wasteful expenditure in corona period
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कोरोनाकाल में वित्तीय स्थिति पर पड़े विपरीत असर को देखते हुए फिजूलखर्ची से बचें, लेकिन विकास कार्यों की गति पर इसका कोई असर न पड़े। मुख्यमंत्री ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। 

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उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण केंद्र व सभी राज्य की सरकारों की वित्तीय स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। अब अनलॉक में काफी कुछ गतिविधियां खोल दी गई हैं। राज्य की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए अनलॉक की नई परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए। फिजूलखर्ची से बचें लेकिन, विकास योजनाओं पर इसका प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
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उन्होंने ईज आफ डूईंग बिजनेस की रैंकिंग में सुधार के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की प्रक्रिया में और तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि तय सुधार एक्शन प्लान के अनुरूप कार्य किए जाएं। उत्तराखंड राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि प्राप्त करने वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सहित विभिन्न जन कल्याण योजनाओं के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सिस्टम की ओर अधिक ध्यान दिया जाए। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, इसके लिए सभी लाभार्थियों का आधार सीडिंग हो। बैठक में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव नितेश झा, शैलेश बगोली, सौजन्या, अपर सचिव नीरज खैरवाल, नगर आयुक्त देहरादून विनय शंकर पांडे आदि उपस्थित थे।

पानी की जितनी खपत, उतने बिल को लेकर बनाएं स्पष्ट नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की जितनी खपत हो रही है, उतना ही उपभोक्ताओं से बिल वसूला जाए। उन्होंने इसकी एक सरल और स्पष्ट नीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीटर लगाने के साथ ही पानी खपत के अनुसार ही लोगों से चार्ज लिया जाए। उन्होंने साथ ही निर्देश दिए कि पानी की गुणवत्ता और उपलब्धता मानकों के अनुरूप हो। कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार  ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दे रही है। योजना के तहत उत्तराखंड के सभी ग्रामीण परिवारों को पीने का स्वच्छ पानी नल से पहुंचा जाएगा। 

रैंकिंग में सुधार हो
मुख्यमंत्री ने ईज आफ डूईंग बिजनेस की रैकिंग में सुधार पर जोर दिया। कहा कि उत्तराखंड वर्ष 2015 में 23 वें स्थान से अब 11 वें स्थान पर आ गया है। इसमें और सुधार के लिए पूरी गंभीरता से प्रयास किए जाएं। कोविड-19 के दृष्टिगत तमाम सावधानियां भी रखनी हैं।

निवेशकों को परेशान न होना पड़े
उन्होंने ताकीद किया कि कोरोनाकाल में निवेशकों को परेशान न होना पड़े। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित भी किया जाए। राज्य के उद्यमी, आत्मनिर्भर भारत पैकेज में एमएसएमई क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों का लाभ उठा सकें। इसके लिए उनका हरसंभव सहयोग किया जाए। प्राप्त निवेश प्रस्तावों का समय पर निपटारा हो।

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