उत्तराखंड सीएम की सुरक्षा में चूक, कार पर हमला
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लाडली हत्याकांड में लापरवाह रही हल्द्वानी पुलिस मुख्यमंत्री हरीश रावत की समुचित सुरक्षा बंदोबस्त भी नहीं कर पाई। लाडली के परिजनों से मिल कर लौटते वक्त कुछ लोगों ने पत्थर मारकर उनकी गाड़ी का शीशा तोड़ दिया।
इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और सीएम की फ्लीट को किसी तरह पीछे के रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाला।
दोपहर करीब 12 बजे जब मुख्यमंत्री हरीश रावत, वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश और सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य एक ही गाड़ी में लाडली के मामा के घर पहुंचे तो वहां भाजयुमो के कुछ कार्यकर्ता भी सीएम से बात करने पहुंच गए, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें सीएम से नहीं मिलने दिया। इस पर वे भड़क गए और बाहर ही सीएम का इंतजार करने लगे।
सीएम को सुरक्षित निकाला, मंत्री को आई चोट
जैसे ही सीएम हरीश रावत, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य और वित्तमंत्री इंदिरा हृदयेश गाड़ी में बैठकर लाडली के मामा के घर की गली से बाहर निकले तो भाजयुमो जिलाध्यक्ष विकास भगत, नीरज बिष्ट, मुकेश जोशी और वरुण तिवारी सहित कई कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को घेर लिया।
वे हाथों से गाड़ी का शीशा पीटने लगे। इसी बीच, किसी ने एक पत्थर से गाड़ी के पिछले दरवाजे का शीशा तोड़ दिया। शीशा टूटने से पिछली सीट पर बैठे सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य के हाथ में चोट लग गई।
हमला होते ही सीएम के सुरक्षाकर्मियों, एलआईयू कर्मी और पुलिस ने तुरंत ही गाड़ी को घेर लिया और लाठीचार्ज कर दिया। तीन आरोपियों नीरज, मुकेश और वरुण को पुलिस ने वहीं गिरफ्तार कर लिया।
लाठीचार्ज से मची भगदड़ में कई लोगों के कपड़े फट गए और कई लोग कीचड़ में गिर गए। लाठीचार्ज के वक्त मेयर जोगेंदर रौतेला को भी वहां से भागना पड़ा। किसी तरह सीएम की फ्लीट को भारी सुरक्षा घेरे में नैनीताल रोड तक पहुंचाया गया।
पुलिस कर रही रासुका लगाने की तैयारी
पुलिस ने इस हमले के आरोप में भाजयुमो जिलाध्यक्ष विकास भगत को कुछ देर बाद नैनीताल रोड से गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस की मेयर रौतेला से तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ 307, 147, 148, 353, 427 और सेवेंथ क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। चारों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने की भी तैयारी की जा रही है।
पत्थर ले पहुंचे, पुलिस को भनक नहीं
एडीजी ला एंड ऑर्डर रामसिंह मीणा, डीआईजी जीएस मर्तोलिया और एसएसपी सेंथिल अबुदई सहित कई अधिकारियों के वहां होने के बावजूद उपद्रवी सीएम की गाड़ी तक पत्थर लेकर पहुंच गए। किसी ने न तो उन्हें रोका न ही देखा।
ये सीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक है, जबकि सीएम ने किसी से भी न मिलने की बात पहले ही पुलिस को कह दी थी। इसके बावजूद पुलिस सीएम की सुरक्षा का खाका तैयार नहीं कर पाई और ऐन वक्त पर बौखलाहट में लाठीचार्ज किया गया।