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स्टिंग मामले में CM हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 24 Jul 2015 01:06 PM IST
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सीएम के सचिव के कथित स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर भाजपा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से इस्तीफे की मांग की है।
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भाजपा ने कहा कि सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सीएम तत्काल मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दे। भाजपा ने कहा कि आपदा राहत के बाद अब एफएल-2 की सौदेबाजी में भी भ्रष्टाचार साबित हो चुका है, इसलिए हरीश रावत को सीएम बने रहने का कोई हक नहीं है।
भाजपा ने कहा कि इस मुद्दे पर 25 जुलाई को राज्यपाल से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा। स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत व नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने पार्टी मुख्यालय पर संयुक्त रूप से पत्रकारों से बात की। दोनों नेताओं ने कहा कि सौदेबाजी करते हुए जो स्टिंग ऑपरेशन हुआ है उससे मुख्यमंत्री पल्ला नहीं झाड़ सकते।
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तीरथ व भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री सबूत मांगते है, पहले आपदा का सबूत सामने आ चुका है, इससे पहले सिडकुल के घोटाले केसबूत आ चुके हैं और अब एफएल-2 के तहत होने वाली सौदेबाजी का सबूत देश भर में घूम रहा है। सारे सबूत मिल चुके हैं अब कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि इससे प्रदेश की बदनामी हुई है।
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दोनों पार्टी नेताओं ने कहा कि संबंधित अफसर के ऊपर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा नेताओं ने संबंधित अफसर के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मुख्यमंत्री हरीश रावत से इस्तीफेकी मांग की है। भाजपा नेताओं ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ कि सीएम सचिवालय में ही माफियाओं के साथ मिलकर राज्य को बेचा जा रहा है। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता व विधायक मौजूद रहे।
स्टिंग मामले में कांग्रेस भी उतरी मैदान में
गुरुवार का स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे पर कांग्रेस खुलकर मैदान में उतर आई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सुबह सवेरे ही प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा पर हमला बोला। किशोर ने सीडी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उधर, मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल ने भी सचिवालय मीडिया सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि भाजपा स्पष्ट करे कि सीडी का समय और तिथि को भी जारी करे।
बुधवार को स्टिंग ऑपरेशन की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत को खुद ही स्पष्टीकरण देना पड़ा था। भाजपा भी इस मुद्दे को लेकर हमलावर हुई। गुरुवार को कांग्रेस पूरी तरह से मैदान में कूद पड़ी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को संगठन की बैठक के लिए हरिद्वार जाना था।
इससे पहले कांग्र्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में किशोर ने स्टिंग ऑपरेशन को भाजपा की साजिश करार दिया। किशोर ने कहा कि चार राज्यों में आरोपों से घिरी भाजपा ने साजिशन उत्तराखंड सरकार को निशाना बनाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि स्टिंग ऑपरेशन की सीडी को सुविधा के अनुसार जारी नहीं किया जा सकता।
सीडी को देखने से जाहिर है कि यह ऐसा मामला है जो हुआ ही नहीं। सरकार ने शराब व्यवसाय में स्टॉक और वितरण का काम निजी हाथ से निकालकर सरकारी एजेंसियों को सौंप दिया है। पर भाजपा ने अपने केंद्रीय नेतृत्व को पूरी जानकारी दी ही नहीं। लिहाजा भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को भी मजाक का सबब बनना पड़ा।
उधर, मुख्यमंत्री के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि भाजपा के नेताओं का शराब सिंडीकेट से गठजोड़ है। यही कारण है कि भाजपा ने गैरसैंण के महत्वपूर्ण सत्र को भी शराब लॉबी की भेंट चढ़ा दिया। नई आबकारी नीति एक मई को लागू हो गई थी।
इसी दिन से भाजपा ने भी हंगामा करना शुरू कर दिया था। अग्रवाल ने कहा कि सरकार किसी भी कार्यवाही के लिए तैयार है पर पहले सीडी की जांच होगी। भाजपा ने इससे पहले भी इस तरह की साजिश की है।