फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Cloudburst Dharali After flood many people left their homes and ran towards forest

Uttarkashi Disaster: प्रकृति के कहर से बचकर प्रकृति ने ही दी थी पनाह, जंगल की तरफ भागे थे बहुत से लोग

Sat, 09 Aug 2025 03:59 PM IST
रेनू सकलानी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 09 Aug 2025 03:59 PM IST
सार

उत्तरकाशी धराली में सैलाब आने के बाद बहुत से लोग घरों से निकलकर जंगल की तरफ भागे थे। आईटीबीपी के जवानों ने जंगलों से निकालकर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया था।

विज्ञापन
Uttarakhand Cloudburst Dharali After flood many people left their homes and ran towards forest
उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

धराली में प्रकृति के कहर से बचकर बहुत से लोगों को प्रकृति ने ही पनाह दी थी। घर, होटल सब तबाह हुए तो परिवार धराली के पास जंगल की तरफ भाग गए। वहां आईटीबीपी के जवान मिले तो जान में जान आई। इसके बाद उन्हें वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया जहां से उन्हें शुक्रवार को चिन्यालीसौंड़ और अन्य जगहों पर लाया गया। बहुत से लोगों को मंगलवार दोपहर में आई उस भयंकर त्रासदी एक बुरे और धुंधले सपने की तरह याद है।

विज्ञापन

आपदा के बाद वहां से जान बचाकर भागे बचन सिंह का परिवार भी शुक्रवार को चिन्यालीसौड़ हेलीपैड पर पहुंचा था। बचन सिंह की पत्नी के चेहरे पर उस भयावह मंजर का खौफ साफ नजर आ रहा था। हलक सूख रहा था और जबान लड़खड़ा रही थी। उनसे जब उस समय के बारे में पूछा गया तो बताया कि उन्हें कुछ याद नहीं कि क्या हुआ था। इतना पता है कि हमारा घर था, होटल था गाड़ी थी सब तबाह हो गया है। जब मलबा आया तो जैसे तैसे निकलकर हम जंगल की तरफ भागे थे। बारिश हो रही थी, बदन पर जो कपड़े थे बस वही सामान था।

विज्ञापन


वह कहती हैं कि जंगल न होता तो हम नहीं बच पाते। कुछ देर बाद वहां आईटीबीपी के जवान पहुंचे। उन्होंने ढांढस बंधाया और हमें अपने साथ एक जगह ले आए। तीन दिनों से उनके साथ ही थे। अब हेलिकॉप्टर से हमें यहां लाया गया है। हमारे पास अब कुछ नहीं बचा है जो कपड़े पहने हैं वह भी किसी दूसरे ने दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढे़ं...Uttarakhand: आपदा से थम गईं चारधाम यात्रा की रफ्तार, धराली में आई आपदा के साथ जगह-जगह भूस्खलन ने बढ़ाई मुश्किल

ये सिर्फ बचन सिंह के परिवार की ही कहानी नहीं है। खीर गंगा के रौद्र रूप का शिकार हुए ऐसे कई परिवार हैं जिनका वहां दशकों का जमा हुआ कारोबार घर सब तबाह हो गया है। बहुत से लोग अपनों से बिछड़ गए हैं। किसी का अपना कोई मलबे में दबा है। एक दूसरे के गले लगकर रो रहे इन लोगों के दुख के आगे हर पत्थर दिल पसीज रहा है।



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed