फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Children will study history of state movement in government schools and madrasas

Uttarakhand: सरकारी स्कूलों और मदरसों में बच्चे पढ़ेंगे राज्य आंदोलन का इतिहास, इन विभूतियों को भी जानेंगे

Mon, 03 Mar 2025 11:44 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 03 Mar 2025 11:44 PM IST
सार

पुस्तिका में छात्र-छात्राएं श्रीदेव सुमन, तीलू रौतेली समेत कई महान विभूतियों के बारे में पढ़ेंगे। वहीं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी यह पुस्तिका एक आधार बनेगी।

विज्ञापन
Uttarakhand Children will study history of state movement in government schools and madrasas
स्कूल में बच्चे - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश के सरकारी, सहायता प्राप्त विद्यालयों एवं मान्यता प्राप्त मदरसों के कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्र राज्य आंदोलन के इतिहास के साथ ही अपनी विरासत और विभूतियों के बारे में पढ़ेंगे। धामी कैबिनेट ने हमारी विरासत एवं विभूतियां सहायक पुस्तिका को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन


शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पुस्तिका में छात्र-छात्राएं श्रीदेव सुमन, तीलू रौतेली समेत कई महान विभूतियों के बारे में पढ़ेंगे। वहीं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी यह पुस्तिका एक आधार बनेगी। इस पुस्तक के माध्यम से बच्चों को चौंदकोट जनशक्ति मार्ग की गाथा भी पढ़ने को मिलेगी। पुस्तक निर्माण में समन्वयक सुनील भट्ट बताते हैं कि पौड़ी जिले में 33 किमी का यह मार्ग सामुदायिक सहभागिता और श्रमदान का बड़ा उदाहरण है। इसके साथ ही वर्ष 1951 में टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार की साझा चूल्हे की कहानी भी इस पुस्तिका के माध्यम से बच्चों को पढ़ने को मिलेगी।
विज्ञापन


Uttarakhand Cabinet: राज्य कर्मचारियों को पदोन्नति में छूट, यूपीएस भी होगी लागू, कई योजनाओं को मिली मंजूरी
विज्ञापन
विज्ञापन


जिसमें धर्मानंद नौटियाल, बहादुर सिंह राणा और भरपूर नगवाण तीनों ने एक साथ रहकर सामाजिक समरसता का बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया था। पुस्तक में भगवान राम का उत्तराखंड से जुड़ाव भी पढ़ने को मिलेगा। गढ़वाल से कुमाऊं तक राम मंदिर और उनकी पूजा शैली की जानकारी दी गई है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले के सितोंस्यू में माता सीता का मंदिर है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यहां सीता माता ने भू समाधि ली थी। बच्चे अपने न्याय के देवता गोलज्यू के इतिहास को भी जानेंगे। वहीं, हमारी विशभूषा, व्यंजन, हमारे लोक नृत्य के बारे में भी पढ़ेंगे।

Trending Videos

राज्य की इन विभूतियों को पढ़ेंगे छात्र
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पुस्तक में छात्र राज्य की विभूतियों कालीकुमाऊं के क्रांतिकारी कालू मेहरा, वीरभड़ माधो सिंह भंडारी, सर्वेयर नैन सिंह रावत, पुरिया नैथानी, वीर केसरीचंद, सोबन सिंह जीना, गंगोत्री गर्ब्याल, जसौली सौकियाण, जीयारानी, मुंशी हरि प्रसाद टम्टा, खुशीराम आर्य, राज्य आंदोलनकारी हंसा धनाई, बेलमति चौहान, नागेंद्र सकलानी व मोलू भरदारी, कारगिल शहीद मेजर राजेश अधिकारी, मेजर विवेक गुप्ता, अशोक चंद्र विजेता गजेंद्र सिंह बिष्ट, राज्य आंदोलनकारी विपिनचंद्र त्रिपाठी, रानी कर्णावती, टिनचरी माई, बद्रीदत्त पांडे, गिरीश तिवारी गिर्दा, , महादानी जसोली सोकियाण, महाकवि चंद्रकुंवर बतर्वाल, कबूतरी देवी आदि के बारे में पढ़ेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed