मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, उत्तराखंड में नहीं दी जाएगी स्लॉटर हाउस खोलने की अनुमति
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में किसी भी स्लॉटर हाउस को अनुमति नहीं दी जाएगी।
मंगलौर में स्लॉटर हाउस का मामला संज्ञान में आने पर सरकार ने हरिद्वार के डीएम तत्काल अनुमति निरस्त करने के आदेश दिए हैं। सीएम ने कहा वर्ष 2016 में पूर्व सरकार के समय वहां स्लॉटर हाउस की अनुमति दी गई थी। मंगलौर स्लॉटर हाउस के विरोध में हरिद्वार जिले के भाजपा के कई विधायकों ने अपनी ही सरकार को घेरने की कोशिश की थी। साथ ही धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने इस पर अपना एतराज जताया था।
शुक्रवार को मोथरोवाला में पशुपालन विभाग के एक कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि खंडूड़ी सरकार में वह पशुपालन मंत्री थे। उस समय प्रदेश में गोवंश संरक्षण अधिनियम लाकर गोवंश हत्या पर रोक लगाई गई थी। हरिद्वार के मंगलौर में स्लॉटर हाउस निर्माण का मामला संज्ञान में आने पर डीएम हरिद्वार को जांच के निर्देश दिए गए। इसमें पाया गया कि वर्ष 2016 में पूर्व सरकार के समय मंगलौर स्लॉटर हाउस को अनुमति दी गई थी। सरकार ने डीएम को तत्काल अनुमति निरस्त करने के आदेश दिए हैं। उत्तराखंड की देवभूमि के रूप में अपनी पहचान है। प्रदेश में गोवंश संरक्षण अधिनियम प्रभावी होने के बाद भी पूर्व सरकार ने मंगलौर में स्लॉटर हाउस को मंजूरी दी। इसकी भर्त्सना की जानी चाहिए।
सीएम ने कहा कि भविष्य में भी इस देवभूमि उत्तराखंड में किसी को भी स्लॉटर हाउस के लाइसेंस नहीं दिए जाएंगे। अगर पहले से कोई लाइसेंस दिया भी गया है तो उन्हें भी निरस्त किया जाएगा। राज्य में गोवंश के संरक्षण के लिए देहरादून, हरिद्वार व ऊधम सिंह नगर में स्पेशल स्क्वॉयड बनाए गए। इससे गो तस्करी के मामलों में कार्रवाई की गई। राज्य में किसी भी स्थिति में गोवंश की हत्या नहीं होने देंगे। सरकार का प्रयास है 2021 में होने वाले कुंभ मेले से पहले गो सदन बना कर सड़कों पर आवारा घूम रहे गोवंश के लिए रहने की व्यवस्था की जाएगी। सीएम ने कहा कि विरोधी आरोप लगाते है कि भाजपा के लोग ही गाय को गो माता मानते हैं। इस तरह की आरोप पूर्ण तरह से गलत हैं। गाय को गो माता का स्थान वेद पुराणों में दिया गया है।
मंगलौर में बन रहे स्लॉटर हाउस का मामला कई रोज से सुर्खियों में
हरिद्वार जिले के मंगलौर में बन रहे स्लॉटर हाउस का मामला कई रोज से सुर्खियों में था। हरिद्वार जिले के भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता ने सबसे पहले इसके विरोध में अपने स्वर बुलंद किए। बाद में भाजपा के ही विधायक सुरेश राठौर, कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और प्रदीप बत्रा ने भी इस स्लॉटर हाउस की मुखालफत शुरू कर दी।
इसी बीच कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने भाजपा विधायकों को ललकारने वाले अंदाज में कहा कि हिम्मत है तो अपनी सरकार से बात करें। काजी ने साफ कहा कि इसी सरकार के समय में इस स्लॉटर हाउस को न केवल मंजूरी मिली, बल्कि जून-2017 में इसके लिए पैसा भी जारी कर दिया गया।
इस स्लॉटर हाउस के विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने भी सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने भी स्लॉटर हाउस निर्माण को देवभूमि की संस्कृति के खिलाफ बताया था। सीएम के स्लॉटर हाउस की मंजूरी को निरस्त करने के फैसले से हरिद्वार जिले के विधायक खासे गदगद हैं। इन विधायकों ने सीएम का स्वागत फूलों की बारिश से करने का एलान किया है।
महाराज ने जताया सीएम का आभार
धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने स्लॉटर हाउस निरस्त करने के फैसले का स्वागत कर सीएम के प्रति आभार जताया। उनका का कहना है कि उत्तराखंड एक देवभूमि है। यहां पर किसी का खून नहीं बहना चाहिए। इस लिहाज से देखा जाए तो सीएम ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उचित कदम उठाया हैं।