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चमोली आपदा का 13वां दिनः तपोवन सुरंग से मलबा निकालने का कार्य जारी, कुल 62 शव मिले, अभी भी 142 लापता

Sat, 20 Feb 2021 12:16 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 20 Feb 2021 12:16 AM IST
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Uttarakhand Chamoli News : thirteen day of rishiganga disaster rescue update
चमोली आपदाः सुरंग से मलबा हटाने का कार्य जारी - फोटो : ANI

ऋषि गंगा की जल प्रलय के 13 दिन बाद भी तपोवन सुरंग से मलबा पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है। अभी तक 161 मीटर तक ही सुरंग का मलबा हटाया गया है। सुरंग से पानी का रिसाव थम नहीं रहा है। पानी के रिसाव के लिए दो पंप मशीनें लगाई गई हैं। सुरंग से मलबा हटाने का काम अब सिर्फ दिन में ही हो रहा है। शुक्रवार को टनल से कोई भी लापता नहीं मिला, लेकिन बृहस्पतिवार रात को हेलंग के पास से एक शव बरामद किया गया था। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। 

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सात फरवरी को ऋषि गंगा की जल प्रलय के बाद से ही तपोवन सुरंग से मलबा निकालने का काम चल रहा है। सुरंग से करीब 150 मीटर तक मलबा हटाने के बाद पानी का रिसाव शुरू हो गया था जो आज तक जारी है। ऐसे में रेस्क्यू टीमों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुरंग में जेसीबी से मलबा डंपर में डालकर बाहर लाया जा रहा है। सुरंग से मलबा हटाने का काम अब सिर्फ दिन में ही किया जा रहा है। वहीं, बैराज साइट से भी मलबा हटाने का काम जोरों पर है। यहां पोकलैंड मशीनों से मलबे का निस्तारण किया जा रहा है। बैराज में पानी के साथ ही बोल्डर भी अटके हुए हैं। एनटीपीसी के महाप्रबंधक आरपी अहरिवार ने बताया कि सुरंग से भारी मात्रा में पानी का रिसाव हो रहा है, जिससे मलबा हटाने में दिक्कतें आ रही हैं।
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अभी तक 62 शव मिले
ऋषि गंगा की जल प्रलय में अभी तक विभिन्न जगहों से 62 शव मिल चुके हैं, जबकि 27 मानव अंग भी मिले हैं। तपोवन सुरंग से 13 शव निकाले जा चुके हैं। अभी भी 142 लोग लापता हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों से मलबे में लोगों की खोज की जा रही है। रैणी में धौली गंगा और ऋषि गंगा के संगम स्थल पर मलबे में भी खोज की जा रही है। रेस्क्यू टीमें ऋषि गंगा में जेसीबी की मदद से रैणी चक लाता गांव के निचले हिस्से में मलबा हटाने में जुटी हैं। संवाद
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आईटीबीपी के डीजी ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा
आईटीबीपी के डीजी एसएस देशवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उत्तराखंड के चमोली जिले में बाढ़ प्रभावित रेणी और तपोवन क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने रैणी गांव के ऊपरी क्षेत्र में बनी बनी झील का हवाई सर्वेक्षण भी किया। 

मलारी हाईवे पर ट्रॉली और वैली ब्रिज स्थापित करने का काम जारी 

मलारी हाईवे पर रैणी गांव में ट्रॉली और वैली ब्रिज स्थापित करने का कार्य जारी है। यहां लोक निर्माण विभाग की ओर से ट्रॉली लगाने के लिए नदी के दोनों ओर एबेटमेंट बना दिए गए हैं, जबकि सीमा सड़क संगठन की ओर से वैली ब्रिज को जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।

ऋषि गंगा की जल प्रलय से मलारी हाईवे पर 90 मीटर लंबा मोटर पुल बह गया था, तब से नीती घाटी के 13 गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई थी। इसके बाद बीआरओ ने ऋषि गंगा पर अस्थायी पुल बनाया जिससे नीती घाटी के कुछ ही गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही हो पा रही है।

भंग्यूल और जुवाग्वाड़ गांव के लिए लोक निर्माण विभाग और सेना की ओर से ट्रॉली लगाई जा चुकी है, लेकिन लाता, सुरांईथोटा, तोलमा, रैणी चक लाता आदि गांवों के ग्रामीणों के लिए पुल की व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में इन गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप है। जिला प्रशासन की ओर से हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्र में रसद की आपूर्ति की जा रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि नीती घाटी के ग्रामीणों के लिए रसद की आपूर्ति की जा रही है। सभी गांवों में संचार और बिजली व्यवस्था सुचारु है। कुछ ही दिनों में मलारी हाईवे सुचारु होने की उम्मीद है।

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