चुनावी कैबिनेट में गन्ना किसानों और मनरेगा श्रमिकों को तोहफा, पढ़ें खास फैसले
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विधानसभा चुनाव का पूरा असर बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में नजर आया। तमाम लोकलुभावन फैसलों को मंत्रिमंडल ने अनुमोदित किया। इसमें मुख्यतौर पर गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के अलावा मनरेगा श्रमिकों के मानदेय में पांच हजार का इजाफा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शीतकालीन अवकाश समेत तमाम फैसले शामिल हैं।
सेवानिवृत्त सैनिकों और अर्धसैनिक बल के जवानों को मिलने वाली शराब और बीयर की बोतलों से आबकारी शुल्क को कम किए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट में मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 35 विषयों पर चर्चा हुई। गन्ना समर्थन मूल्य को लेकर बैठक में आए अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब सामान्य प्रजाति का गन्ना 280 रुपये प्रति क्विंटल के बजाए 307 रुपये, अगेती प्रजाति का गन्ना 290 के बजाए 317 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य पर खरीदा जाएगा।
दो लाख गन्ना किसानों को होगा फायदा
गौरतलब है कि सरकार ने बीते वर्ष 1100 करोड़ रुपये की गन्ना खरीद की थी। इस फैसले से प्रदेश के लगभग दो लाख गन्ना किसान लाभान्वित होंगे। यह बढ़ोतरी यूपी में हाल की बढ़ोतरी से दो रुपये अधिक है। इसी क्रम में आंगबाड़ी कार्यकत्रियों को करीब एक सप्ताह के शीतकालीन अवकाश के प्रस्ताव को भी सहमति दी गई है। अभी तक उन्हें ग्रीष्मकालीन अवकाश के रूप में दस दिन की छुट्टी प्रदान की जाती थी।
मनरेगा श्रमिकों को मिलने वाले मानदेय में प्रतिवर्ष पांच हजार रुपये बढ़ोतरी के अलावा उन्हें हिमाचल पैटर्न पर रेगुलर इंप्लाई की तर्ज पर रखे जाने की बात भी तय हुई है। इसके लिए भारत सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का भी परीक्षण किया जाएगा।
एक अन्य फैसले में लखवाड़ब्यासी जलविद्युत परियोजना के विस्थापितों को पुर्नवासित करने की तैयारियां आरंभ करने और टिहरी विस्थापन का कार्य देख रही कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया गया है। इस निजी कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने की बात सामने आई है।
होमगार्ड और PRD जवानों के मृतक आश्रितों को भर्ती में प्राथमिकता
वहीं होमगार्ड और पीआरडी जवानों के मृतक आश्रितों को चिन्हित किया जाएगा और भविष्य में होने वाली भर्ती में इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। भूतपूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों को मिलने वाली व्हिस्की में 35 रुपये, रम में 25 रुपये और बीयर में 10 रुपये की छूट दिए जाने का भी निर्णय कैबिनेट ने लिया है।
इसके अतिरिक्त सचिवालय में लेखा संवर्ग में संयुक्त सचिव स्तर के एक पद को सृजित करने की मंजरी भी मिल गई है। विभाग ने दो पदों का प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन कैबिनेट ने सिर्फ एक को ही अनुमति दी है।
सचिवालय सेवा संघ को झटका
सचिवालय सेवा के तहत आने वाले अधिकारियों को शिथिलीकरण का लाभ देते हुए तीन वर्ष में अगले ग्रेड में प्रमोशन देने समेत तीन प्रमुख प्रस्तावों को कैबिनेट ने मानने से इनकार कर दिया है। इससे इन प्रस्तावों की पैरवी कर रहे सचिवालय सेवा संघ के लोगों को करारा झटका लगा है।
संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि सचिव स्तर के जिन दो अधिकारियों ने पूर्व में इन मुद्दों पर अपनी सहमति दी है, उनके विरोध के चलते कैबिनेट ने इन प्रस्तावों को मानने से इनकार कर दिया। इसे लेकर आपातकालीन बैठक बुलाई जाएगी। उसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ी तो दोनों अफसरों के कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।