सरकार ने आपदा प्रभावितों की मुआवजा राशि बढ़ाई, जानिए कैबिनेट के 15 बड़े फैसले
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राज्य सरकार ने कैबिनेट में बड़ा निर्णय लेते हुए आपदा प्रभावितों की मुआवजा राशि में बढ़ोत्तरी कर दी है। आगे जानिए कैबिनेट के 15 अहम फैसले...
आपदा से भवन क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। आपदा प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए बुधवार को त्रिवेंद्र कैबिनेट ने मुआवजे की राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है।
अभी तक यह राशि तीन लाख रुपये थी। इसी प्रकार एक अन्य फैसले में नगर पालिका परिषद ऋषिकेश और कोटद्वार को नगर निगम के रूप में उच्चीकृत करने पर भी कैबिनेट की सहमति बनी।
बुधवार शाम चार बजे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई। सबसे पहले नए मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह का स्वागत किया गया। इसके बाद बैठक में तमाम प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 15 पर सहमति बनी।
फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री एवं उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि आपदा की दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील है। प्रत्येक वर्ष यहां आपदा से बड़ी तादाद में आवासीय संपत्ति को नुकसान होता है।
ऐसे में कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि आपदा से क्षतिग्रस्त होने वाले मकान का मुआवजा तीन के बजाय अब चार लाख रुपये किया जाए। इससे आपदा प्रभावित परिवारों को अधिक मदद दी जा सकेगी।
चतुर्थ विधानसभा के तृतीय सत्र यहां होगा
इसी क्रम में नगर पालिका परिषद ऋषिकेश और कोटद्वार को उच्चीकृत करके नगर निगम बनाया जाएगा। पूर्व की सरकार ने भी इस बाबत प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया था, मगर उस वक्त मानक पूरे न होने के चलते बात नहीं बन सकी।
कौशिक ने उत्तराखंड की चतुर्थ विधानसभा के तृतीय सत्र का आयोजन भराड़ीसैंण में करने के निर्णय की जानकारी भी दी। इसी प्रकार राज्य के पर्वतीय जनपदों में जनपद स्तरीय विकास प्राधिकरण गठित किए जाने के पूर्व के फैसले में संशोधन की बात भी कही।
उन्होंने बताया कि पर्वतीय जनपदों में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य मार्ग के मध्य से दोनों ओर दो सौ मीटर क्षेत्र में आने वाले दो सौ वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक के एकल आवासीय भवन और तीस वर्ग मीटर तक व्यावसायिक दुकान को मानचित्र से छूट दिए जाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इसी प्रकार केदारपुरी में निर्माण एवं पुनर्निर्माण के संबंध में तेज कार्रवाई के मकसद से मुख्यमंत्री को आवश्यक निर्णय लेने के लिए कैबिनेट ने अधिकृत किया है। विधायक निधि के तहत किए जाने वाले कार्यों में सिंगल प्रोजेक्ट कॉस्ट की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किए जाने एवं वर्क ऑर्डर से कराए जाने वाले काम की सीमा को तीन से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने पर भी बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने अन्य अहम फैसले -:
- उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्र अधिनियम-2012 के प्रावधानों अनुसार जनपद उत्तरकाशी के बाढ़ मैदान परिक्षेत्र की अधिसूचना के संबंध में राज्य कैबिनेट की ओर से अनुमति प्रदान की गई।
- राज्य के उप खनिजों के दोहन के लिए ई-निविदा व ई-नीलामी के माध्यम से खनिज क्षेत्रों के आवंटन की प्रक्रिया निर्धारित किए जाने के लिए उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली-2001 में संशोधन।
- ग्राम मोकमपुर खुर्द के अंतर्गत हरिद्वार मार्ग पर स्थित भूखंड पर प्रस्तावित फिलिंग स्टेशन के लिए न्यूनतम आवश्यक मानक में 2.23 मीटर की शिथिलता प्रदान किए जाने की अनुमति।
- ब्रिज रोपवे टनल एंड अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (ब्रिडकुल) के पूर्व नाम उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम लिमिटेड के संरचनात्मक ढांचे का पुनर्गठन को अनुमति।
- सीजन वर्ष 2016 -17 के लिए लागू ईंट-भट्ठा समाधान योजना में अंतिम तीन माह के समाधान शुल्क को 25 प्रतिशत छूट के आधार पर दिए गए प्रस्ताव को कैबिनेट का अनुमोदन।
- हरिद्वार से लक्सर तक 50 किलोमीटर के बीच उत्तराखंड सीमा के अंतर्गत बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण की अंतिम अधिसूचना जारी किए जाने को सैद्धांतिक अनुमति दी गई।
- राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य मार्ग के मध्य से दोनों ओर 200 मीटर में दुकान के लिए 30 वर्ग मीटर तक और रिहाइश के लिए 200 वर्ग मीटर तक के भवन निर्माण को नक्शे से छूट।
- केदारपुरी में निर्माण/पुनर्निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही इस संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
- विधायक निधि के अंतर्गत कराए जाने वाले सिंगल प्रोजेक्ट कास्ट की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख और वर्क आर्डर पर कराए जाने वाले कार्य की सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख की गई।