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उत्तराखंड कैबिनेट: चंपावत की झोली फिर खाली,  चुनावी साल से ठीक पहले मंत्री पद की उम्मीद पर फिर पानी 

Fri, 12 Mar 2021 11:37 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 12 Mar 2021 11:37 PM IST
सार

  • नेतृत्व बदलाव का बिगुल बजाने में आगे थे लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल 
  • उत्तराखंड में पहली बार चंपावत जिले की दोनों विस सीटों पर काबिज हुई थी भाजपा 

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Uttarakhand Cabinet Expansion :  Not a single Mla Selected for Cabinet Minister in Champawat
उत्तराखंड के नए सीएम तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के असामयिक निधन के बाद जून 2019 से पिथौरागढ़ जिले का प्रदेश मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं था। अलबत्ता शुक्रवार को हुए तीरथ सिंह रावत के मंत्रिमंडल गठन में पिथौरागढ़ जिले को फिर से प्रदेश सरकार में जगह मिली। लेकिन नेपाल सीमा से लगे चंपावत जिले के हाथ फिर खाली रहे। मंत्रिमंडल में इस जिले को नुमाइंदगी नहीं मिल सकी। चुनावी साल से ऐन पहले भी चंपावत की झोली खाली रहने से यहां के लोगों में मायूसी है। 

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त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व को चुनौती देने में कुछ अन्य वरिष्ठ विधायकों के साथ लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल आगे रहे थे। फर्त्याल टनकपुर-जौलजीबी सड़क के दूसरे पैकेज की कथित अनियमितताओं को विधानसभा से लेकर सरकार के समक्ष उठाते रहे।
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इसे लेकर उन्हें पिछले साल सितंबर में पार्टी ने कारण बताओ नोटिस तक थमाया था। लेकिन, नेतृत्व बदलने और नए मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या आठ से बढ़ाकर 11 करने के बावजूद चंपावत जिले की मंत्रिमंडल में अनदेखी रही। चंपावत की ये उपेक्षा भी तब है, जब राज्य बनने के बाद पहली बार जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर केसरिया रंग छाया। यहां की दोनों विधानसभा सीटों पर भाजपा काबिज हुई। 
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चंपावत से कैलाश चंद्र गहतोड़ी भारी अंतर से जीते, तो लोहाघाट सीट से लगातार दूसरी बार पूरन सिंह फर्त्याल विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2019 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और चार में से तीन ब्लॉकों के प्रमुख की कुर्सी पर भी भाजपा काबिज रही। लेकिन इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद भाजपा सरकार में जिले को प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका, जबकि इससे पूर्व 2002 में पहली निर्वाचित सरकार में लोहाघाट के विधायक महेंद्र सिंह माहरा कैबिनेट मंत्री रहे। वर्ष 2007 में भाजपा सरकार में चंपावत की विधायक बीना महराना को राज्यमंत्री बनाया गया था। 

मंत्री किसे बनाना है, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पार्टी और सरकार के हित में शानदार निर्णय लिया है। 
- पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।

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