Uttarakhand Cabinet: अंब्रेला एक्ट विधेयक को मंजूरी, अब राज्य विश्वविद्यालय खुद दे सकेंगे कॉलेजों को संबद्धता
सभी राज्य विवि अंब्रेला एक्ट में आने के बाद एक बड़ा बदलाव होगा। अभी तक विवि से कॉलेजों का संबद्धता पत्र राजभवन से जारी होता था। विवि पहले अपने स्तर से समिति बनाकर उसकी रिपोर्ट के आधार पर फाइल राजभवन को भेजते थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड के 11 राज्य विश्वविद्यालय अब कॉलेजों को खुद संबद्धता दे सकेंगे। इसके लिए राजभवन से संबद्धता पत्र जारी करने की कोई प्रक्रिया नहीं होगी। सभी राज्य विवि के अंब्रेला एक्ट के विधेयक को धामी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब सभी राज्य विवि एक नियम, एक परिनियम से संचालित होंगे।
सभी राज्य विवि अंब्रेला एक्ट में आने के बाद एक बड़ा बदलाव होगा। अभी तक विवि से कॉलेजों का संबद्धता पत्र राजभवन से जारी होता था। विवि पहले अपने स्तर से समिति बनाकर उसकी रिपोर्ट के आधार पर फाइल राजभवन को भेजते थे।
Uttarakhand Cabinet: राज्य आंदोलनकारियों और आश्रितों को 10% क्षैतिज आरक्षण का बिल मंजूर, पढ़ें अन्य फैसले
फाइल का परीक्षण करने के बाद ये संबद्धता पत्र जारी होते थे। पिछले कई साल से राजभवन से बड़ी संख्या में संबद्धता के पत्र जारी नहीं हो पाए हैं। अंब्रेला एक्ट लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों को ही संबद्धता का अधिकार मिल जाएगा।
कुलपति की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ी
वर्तमान में राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है। कुछ विवि में 70 वर्ष है। अंब्रेला एक्ट आने के बाद सभी राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपति की सेवानिवृत्ति आयु 70 वर्ष हो जाएगी। इसके साथ ही सभी राज्य विवि एक एक्ट और एक परिनियमावली से संचालित होंगे। कई विवि ऐसे हैं, जिनकी परिनियमावली ही नहीं बनी है। इस वजह से वहां नई भर्तियां करने में काफी परेशानी आती है।
राज्यपाल ने की पहल तो नए सिरे से बना एक्ट
राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने सभी सरकारी और निजी विवि के लिए अलग-अलग अंब्रेला एक्ट की पहल की। उन्होंने अफसरों को बुलाकर पूर्व के एक्ट पर बिंदुवार चर्चा की। राज्यपाल का मकसद था कि सभी के अलग-अलग नियमों के बजाए एक ऐसा एक्ट हो, जो सब पर समान रूप से लागू हो। हालांकि, अब विधानसभा में पास होने के बाद ही राजभवन को ये दोनों एक्ट जाने हैं। इसके बाद ही लागू हो सकेंगे। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2020 में राज्य विवि के लिए अंब्रेला एक्ट विधानसभा से पारित होने के बाद राजभवन भेजा गया था, लेकिन राजभवन ने उसे स्वीकृति नहीं दी थी। अब सरकार राज्य व निजी विवि के लिए दो अलग-अलग एक्ट लाने की तैयारी में है।