Uttarakhand: कैबिनेट के फैसले से किसानों को राहत, अब 50 वर्गमीटर भूमि पर भी लगा सकेंगे पॉलीहाउस
प्रदेश सरकार ने नाबार्ड की ग्रामीण अवस्थापना विकास निधि योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस लगाकर सब्जी व फूलों की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।
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प्रदेश के किसान अब 50 वर्ग मीटर भूमि पर पॉलीहाउस लगा सब्जी व फूलों की संरक्षित खेती कर सकेंगे। इसके सरकार ने पॉलीहाउस योजना में न्यूनतम 100 वर्ग मीटर जमीन के मानकों को कम कर 50 वर्ग मीटर किया है। इस योजना के तहत प्रदेश में 21,398 पॉलीहाउस लगाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को पॉलीहाउस लगाने पर सरकार की ओर से 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
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प्रदेश सरकार ने नाबार्ड की ग्रामीण अवस्थापना विकास निधि योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस लगाकर सब्जी व फूलों की खेती को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। इस योजना में पहले पॉलीहाउस लगाने के लिए कम से कम 100 वर्ग मीटर भूमि की शर्त रखी गई थी, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों के पास बिखरी कृषि जोत होने के कारण सरकार ने मानकों में ढील देकर 50 वर्ग मीटर करने का निर्णय लिया है।
पॉलीहाउस लगाने के लिए 80 प्रतिशत तक सब्सिडी
योजना में कुल 21,398 पॉलीहाउस लगाने का लक्ष्य है। इसमें 50 वर्गमीटर आकार के 7,500 पॉलीहाउस और 100 वर्गमीटर आकार के 13,898 पाॅलीहाउस लगाए जाएंगे। योजना की कुल लागत 304 करोड़ है। इसके लिए नाबार्ड की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। पाॅलीहाउस लगाने के लिए किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। सरकार का मानना है कि इस योजना से प्रदेश के एक लाख किसानों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से स्वरोजगार मिलने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाले पलायन में कमी आएगी। पॉलीहाउस से राज्य में उत्पादित सब्जियों में 15 प्रतिशत व फूलों के उत्पादन 25 प्रतिशत तक वृद्धि होगी।