फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Cabinet decision committees working forest fire control will get 30 000 Rupees

Uttarakhand: कैबिनेट का फैसला, वनाग्नि नियंत्रण के लिए काम करने वाली समितियों को मिलेंगे 30 हजार

Wed, 12 Feb 2025 09:59 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 12 Feb 2025 09:59 PM IST
सार

ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायतों के कलस्टर स्तर पर बनने वाली वनाग्नि सुरक्षा प्रबंधन समितियों में ग्राम प्रधान, वन पंचायत सरपंच, महिला व युवक मंगल दलों के प्रतिनिधि के अलावा वन विभाग, राजस्व विभाग के कार्मिकों को शामिल किया जाएगा।

विज्ञापन
Uttarakhand Cabinet decision committees working forest fire control will get 30 000 Rupees
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रदेश में जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए जन सहभागिता को बढ़ाने के लिए ग्राम पंचायत स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समितियों का गठन किया जाएगा। यह समितियां 22 वन प्रभागों में काम करेंगी। समितियों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर हर वर्ष 30 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह फैसला कैबिनेट बैठक में हुआ।

विज्ञापन


इसके अलावा वनाग्नि सत्र के दौरान अस्थाई रूप से क्षेत्र आवंटित कर जंगल की आग के नियंत्रण और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी जायेगी। ग्राम पंचायत, ग्राम पंचायतों के कलस्टर स्तर पर बनने वाली वनाग्नि सुरक्षा प्रबंधन समितियों में ग्राम प्रधान, वन पंचायत सरपंच, महिला व युवक मंगल दलों के प्रतिनिधि के अलावा वन विभाग, राजस्व विभाग के कार्मिकों को शामिल किया जाएगा। समिति के सफल प्रयासों के लिए प्रत्येक समिति को प्रोत्साहन राशि के तौर पर 30,000 प्रति वर्ष दिए जाएंगे।
विज्ञापन


Uttarakhand: केदारकांठा ट्रेक पर जा रहे मुंबई के युवा ट्रैकर की मौत, दो दिन पहले दोस्तों के साथ आया था घूमने
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्धारित धनराशि में से आधी धनराशि वनाग्निकाल के प्रारम्भ में और आधी धनराशि वनाग्निकाल के बाद समिति के वनाग्नि नियंत्रण कार्यों के अनुश्रवण, मूल्यांकन के बाद दी जाएगी। अगर वनाग्नि सत्र के दौरान उपलब्ध कराए गए क्षेत्रों में आग लगती है, तो प्रभावित क्षेत्र के आकलन के अनुसार प्रोत्साहन राशि में कटौती की जाएगी। आवंटित क्षेत्रों में जंगल के आग की घटना न होने पर समितियों के कुशल प्रशस्ति-पत्र, पुरस्कार भी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे।

500 और 600 हेक्टेयर वन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा
वनाग्नि सुरक्षा प्रबंधन समितियों के चयन और संख्या का निर्धारण अति संवेदनशील, चीड़ बाहुल्य वन प्रभागों को वर्गीकरण करते हुए किया गया है। प्रत्येक समिति को औसतन 500-600 हेक्टेयर वन क्षेत्र आवंटित किया जाएगा। वनाग्नि सुरक्षा प्रबंधन समितियों के चयन और संख्या का निर्धारण अति संवेदनशील, चीड़ बाहुल्य वन प्रभागों को वर्गीकरण करते हुए किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed