देहरादून : 89 दिन बाद आज से फर्राटा भरेंगी सिटी बसें, मुसाफिरों को भुगतान करना होगा दोगुना किराया
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89 दिन बाद शुक्रवार से राजधानी की सड़कों पर सिटी बसें फर्राटा भरती नजर आएंगी। कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक गाड़ियों के वर्तमान किराए में दोगुना बढ़ोतरी किए जाने के फैसले के बाद देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ ने बसें संचालित करने का फैसला लिया है।
कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन घोषित किए जाने से 22 मार्च से सिटी बसों का संचालन पूरी तरह से ठप था। पिछले दिनों शासन ने सार्वजनिक वाहनों के संचालन को लेकर एसओपी जारी की। इसमें सरकार, शासन ने शर्त लगा दी कि सार्वजनिक वाहनों (सिटी बस और परिवहन निगम की बसों) को 50 फीसदी यात्री क्षमता के साथ संचालित करना होगा। इस पर सिटी बस संचालकों ने बसें चलाने से साफ इनकार कर दिया।
महासंघ पदाधिकारी किराए में दोगुना वृद्धि की मांग पर अड़े थे। यही बात उत्तराखंड परिवहन महासंघ के साथ ही परिवहन निगम प्रबंधन ने भी उठाई। बहरहाल कैबिनेट के फैसले के बाद अब देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ ने बसें संचालित करने का फैसला कर लिया है।
घंटाघर से आईएसबीटी के लिए देना होगा 28 रुपये किराया
कैबिनेट के फैसले के बाद अब सिटी बसों में सफर करना बेहद महंगा हो गया है। अब यात्रियों को घंटाघर से आईएसबीटी जाने के लिए 14 की जगह 28 रुपये किराए का भुगतान करना होगा। घंटाघर से गूलरघाटी के लिए 20 की जगह 40 रुपये, घंटाघर से राजपुर के लिए 16 की जगह 32 रुपये, घंटाघर से प्रेमनगर के लिए 15 की जगह 30 रुपये, घंटाघर से सीमाद्वार के लिए 15 की जगह 30 रुपये का भुगतान करना होगा। घंटाघर से डीएल रोड के लिए 12 की जगह 24 रुपये देने होंगे।
कैबिनेट में सार्वजनिक वाहनों के किराया बढ़ोतरी को लेकर जो फैसला किया है यह अच्छा कदम है। किराए में दोगुना वृद्धि किए जाने के साथ ही वाहनों के संचालन का फैसला किया गया है। सभी सिटी बस संचालक शुक्रवार से वाहन संचालित करेंगे। सरकार के इस फैसले से गाड़ी संचालकों के साथ ही यात्रियों को भी भारी सहूलियतें होगी।
-विजयवर्धन डंडरियाल, अध्यक्ष, देहरादून सिटी बस सेवा महासंघ
सड़कों पर जल्द फर्राटा भरेंगी रोडवेज बसें
कैबिनेट में सरकारी बसों का किराया दोगुना करने पर सरकारी बसें जल्द फर्राटा भरेंगी। रोडवेज के प्रबंध निदेशक ने अधीनस्थ अधिकारियों को बसों के संचालन की तैयारियां जल्द पूरी करने के आदेश जारी कर दिए हैं। महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि बसों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों पर उतारा जाएगा।
कोरोना के चलते सरकारी बसों का संचालन 22 मार्च से बंद है। इससे जहां लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वहीं निगम को भी लाखों का नुकसान प्रतिदिन हो रहा है। सरकार ने बसों के संचालन को लेकर बहुत पहले आदेश जारी किए थे कि परिवहन निगम 50 फ़ीसदी यात्री क्षमता के साथ इनका संचालन कर सकते हैं। लेकिन निगम राजी नहीं हुआ।
अधिकारियों का मानना था इस क्षमता के साथ बसों का संचालन किया तो निगम को और घाटा होगा। अब कैबिनेट ने किराया दोगुना किया तो निगम प्रबंधन संचालन करने पर राजी हो गया। प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि 23 जून को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
फिर विचार विमर्श के साथ बसों को संचालित किया जाएगा। महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि बसों को जल्द सड़कों पर उतारा जा सके इसके लिए जल्द दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। बसों को चरणबद्ध तरीके से उतारा जाएगा।