उत्तराखंड में पहली बार आएगा ऑनलाइन बजट
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उत्तराखंड में पहली बार बजट की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन संपन्न की जाएगी। इसके लिए शासन स्तर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
यह व्यवस्था न केवल पारदर्शिता लाएगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा। यह कवायद गुजरात, महाराष्ट्र के बाद उत्तराखंड को देश में तीसरे प्रदेश के रूप में शुमार करेगी।
नई व्यवस्था के तहत विभागों की मांग, सचिवालय स्तर पर उसकी सहमति और वित्त विभाग द्वारा परीक्षण के बाद उसे बजट में शामिल किए जाने की पूरी कवायद कंप्यूटर पर होगी।
इसके लिए तैयारियां बड़े पैमाने पर शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश के सभी कोषागार और उपकोषागारों को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके तहत विभिन्न विभागों और महकमों के लगभग चार हजार से ज्यादा आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) को प्रशिक्षण दिया गया है।
भुगतान या राशियां ऑनलाइन ही प्राप्त हो रही हैं
ट्रायल के लिए सभी अपने स्तर से आवश्यक राशि की मांग ऑनलाइन कर रहे हैं। इसके बाद बिल पास करके पैसा जारी करने का कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। इस संबंध में सचिव वित्त अमित सिंह नेगी ने 13 जनवरी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसमें कहा गया है कि विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव या फिर विभागाध्यक्ष स्तर से वित्तीय स्वीकृतियों को 28 फरवरी तक जारी कर दिया जाए। साथ ही सभी डीडीओ प्रदेश के कोषागारों में अपनी डिमांड को 24 मार्च तक अपनी आईडी से ऑनलाइन दाखिल करें।
वहीं, कोषागार या उपकोषागार के स्तर से डिमांड की जांच का काम 27 मार्च तक हर हाल में कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त 29 मार्च तक इन्हें अपलोड और अप्रूव करने की कार्रवाई संपन्न कर दी जाए।
भारत सरकार से प्राप्त होने वाले भुगतान या राशियां ऑनलाइन ही प्राप्त हो रही हैं। राज्य में पहली बार एक्सिपेंडिचर मैनेजमेंट, बजट मैनेजमेंट और ट्रेजरी मैनेजमेंट का काम ऑनलाइन किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक कागजी कार्रवाई घटेगी। साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।
- अमित सिंह नेगी, सचिव (वित्त)