फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand budget 2020 : government should fight with unemployment

उत्तराखंड बजट 2020: गैरसैंण की दरकार, बेरोजगारी के मोर्चे पर भी लड़े सरकार

Fri, 28 Feb 2020 09:35 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 28 Feb 2020 09:35 AM IST
सार

  • तमाम दावों के बावजूद बेरोजगारी से पार पाने की लगातार बढ़ रही है चुनौती

विज्ञापन
uttarakhand budget 2020 : government should fight with unemployment
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

ज्यों-ज्यों दवा की... मर्ज बढ़ता गया। रोजगार के मोर्चे पर प्रदेश सरकार की हालत कुछ ऐसी ही नजर आ रही है। रोजगार वर्ष और नए निवेश के दावे के बीच प्रदेश सरकार के सामने यह चुनौती और बड़ी होती जा रही है।

विज्ञापन


छह प्रतिशत से अधिक की विकास दर और 1.98 लाख की प्रति व्यक्ति आय के बावजूद प्रदेश में बेरोजगारी से पार पाना संभव नहीं हो पा रहा है। सरकार की ओर से कराए गए एक अध्ययन के मुताबिक प्रदेश में इस समय बेरोजगारी दर करीब 4.2 प्रतिशत है। 17 वर्ष से अधिक उम्र वाले शिक्षित युवाओं में यह दर 17 प्रतिशत आंकी गई है। 2004 की तुलना में यह दर दोगुनी है। 
विज्ञापन


मुसीबत यह है कि स्टार्ट अप, स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बीच प्रदेश में स्वरोजगार वाले युवाओं की संख्या घट रही है। रिपोर्ट बता रही है कि 2004-05 में प्रदेश में स्वरोजगार वाले 75 प्रतिशत थे। वर्तमान में केवल 56.9 प्रतिशत ही स्वरोजगार के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोकस बजट की है दरकार

इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता के मुताबिक प्रदेश में अधिक से अधिक रोजगार के लिए फोकस बजट की जरू रत है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि प्रत्येक जिले के लिए कम से कम 100 करोड़ रुपये सिर्फ स्वरोजगार और नए रोजगार के लिए रखेे। यह भी तय करे कि यह बजट खर्च हो। प्रदेश सरकार का बजट जब तक योजनाओं के लिए (प्लान बजट) अधिक नहीं होगा, तब तक यह संभव भी नहीं है। योजनाओं पर प्रदेश सरकार कुल बजट का एक तिहाई ही खर्च कर पा रही है।

सरकारी सेवा, नए निवेश पर दारोमदार

ऐसा नहीं है कि प्रदेश सरकार के स्तर पर इस मामले में कुछ नहीं हो रहा है। सरकार ने रोजगार वर्ष घोषित किया, लेकिन सरकारी विभागों में नौकरियां सीमित ही हैं। इंवेस्टर्स समिट में आए नए निवेश के आधार पर सरकार करीब तीन लाख नए रोजगार के अवसर सामने आने का दावा भी कर रही है। यह भी साफ है कि नए निवेश का यह रोजगार लंबे समय बाद ही सामने आ पाएगा। 

वर्ष            -   बेरोजगारी दर   -  एलएफपीआर - स्वरोजगार  -नियमित रोजगार - बेमियादी
2004-05     -       2.1             -       67.3      -      75      -      13.7       -     11.3
2011-12     -       3.0            -        53.8       -     69        -    17.6       -     13.4        
वर्तमान में      -       4.2           -         52.6     -       56.9     -       24.2     -     18.9    

52.6 प्रतिशत है एलएफपीआर

लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर) का मतलब प्रदेश में काम करने वाले 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की कुल संख्या होता है। प्रदेश के लिए वर्तमान में यह आंकड़ा 52.6 प्रतिशत है। इसमें मौसमी रोजगार पाने वाले लोग भी शामिल हैं। 

जिलों में बेरोजगारी दर (प्रतिशत में)

देहरादून-5.9, हरिद्वार- 5.1, टिहरी- 4.6, पौड़ी-4.5, ऊधमसिंह नगर- 4.2, चमोली-4.2, नैनीताल-3.9, अल्मोड़ा- 3.6, चंपावत-3.4, बागेश्वर-2.3, रुद्रप्रयाग- 1.8, पिथौरागढ़-1.7, उत्तरकाशी- 1.0 
(स्रोत: उत्तराखंड मानव विकास रिपोर्ट 2019)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed