उत्तराखंड: मुनस्यारी- मिलम मार्ग पर बीआरओ ने सात दिन में बना दिया 150 फीट लंबा बैली ब्रिज
- बैली ब्रिज बनने से क्षेत्रवासियों के साथ ही सुरक्षा बलों को मिली राहत
- छोटे वाहनों का आवागमन शुरू
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उत्तराखंड में बीआरओ(बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने मुनस्यारी के धापा-मिलम निर्माणाधीन मार्ग पर जिमिघाट में बीआरओ ने 150 फीट लंबा बैली ब्रिज महज सात दिन में बना दिया। इससे सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों के लिए रसद आपूर्ति और मल्ला जोहार के ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी।
चीन सीमा पर स्थित मिलम के लिए इस समय सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इस सड़क पर जिमिघाट में बना बैली ब्रिज 18 जुलाई की आपदा में टूट गया था। इसके चलते जिमिघाट से आग के लिए वाहनों की आवाजाही बंद हो गई थी। वाहनों का संचालन नहीं होने से लोगों के साथ ही सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी पैदल आवागमन करना पड़ रहा था।
मंगलवार को बीआरओ ने नया बैली ब्रिज तैयार कर लिया है। 150 फीट लंबे इस पुल से हल्के वाहन गुजरने लगे हैं। इस बैली ब्रिज के बनने से मल्ला जोहार के 13 गांवों के लोगों के साथ ही आईटीबीपी और सेना के जवानों को आवागमन में सुविधा होगी।
ग्रिफ के एक अधिकारी ने बताया कि पहले यह पुल 140 फुट लंबा था। अब इस पुल की लंबाई दस फुट बढ़ाई गई है। क्षतिग्रस्त पुल को सात दिन में 15 मजदूरों ने तैयार किया। पुल से अभी केवल छोटे वाहनों का संचालन किया जा रहा है।