उत्तराखंड चुनाव : मकर संक्रांति पर BJP जारी करेगी फाइनल सूची
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विधानसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड में भाजपा अपने प्रत्याशियों की सूची मकर संक्रांति पर जारी कर सकती है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के चलते संसदीय बोर्ड की बैठक अभी नहीं हुई है।
हालांकि कई स्तर से दावेदारों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में प्रत्याशियों के चयन के लिए मानक तय हो गए हैं। पार्टी केवल दमदार चेहरों को ही टिकट देगी, जबकि एक परिवार से एक ही को टिकट देने का निर्णय हुआ है।
भाजपा में टिकटों को लेकर दांव पेच लगा रहे दावेदारों की छटपटाहट जल्द खत्म होती नहीं दिख रही। कांग्रेस जहां 63 सीटों पर प्रत्याशी तय होने की बात कर रही है, वहीं भाजपा में अभी किसी सीट पर स्पष्ट संकेत नहीं है।
संसदीय बोर्ड की बैठक में अधिकांश टिकटें तय हो जाएंगी
भाजपा ने आंतरिक सर्वेक्षण करवाने के साथ सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्रियों से विधानसभा क्षेत्रों में प्रमुख दावेदारों की सूची भी ले ली है।
राष्ट्रीय सहमंत्री संगठन शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के स्तर से भी विधानसभाओं का सर्वेक्षण करवा रिपोर्ट तैयार की गई है। दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के चलते संसदीय बोर्ड की बैठक अभी नहीं हुई है।
सूत्रों की माने तो अगले सप्ताह में होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक में अधिकांश टिकटें तय हो जाएंगी। इससे पहले कांग्रेस से भाजपा में आए 10 पूर्व विधायकों पर अलग से मंथन होना है।
हरक सिंह रावत और अमृता रावत के टिकट पर सर्वाधिक सस्पेंस
बागियों में हरक सिंह रावत और अमृता रावत के टिकट पर सर्वाधिक सस्पेंस है।
इसके अलावा परिवार से एक सदस्य को टिकट देने के निर्णय से सतपाल महाराज को छूट मिलती है या नहीं, इसपर भी फैसला होगा।
प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि प्रत्याशियों की सूची मकर संक्रांति को जारी होने की संभावना है। जल्द ही संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिया जाएगा।
केंद्र की नीतियों के सहारे राज्यों में प्रचार
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह निकल आया है कि उत्तराखंड समेत अन्य चार राज्यों में केंद्र की नीतियां ही प्रचार का मुख्य आधार रहेंगी।
केंद्र की तमाम नीतियां किस तरह गरीबों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, इसको लेकर नेता और कार्यकर्ता मतदाताओं के बीच जाएंगे। प्रचार रैलियों में नोटबंदी के निर्णय को गरीबों के हित में लिया सबसे बड़ा फैसला बताकर विपक्ष को जवाब दिया जाएगा।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने चुनाव का मंत्र भी पार्टी पदाधिकारियों को दिया है। मंत्र के तहत मतदाताओं को यह बताना है कि केंद्र की हर नीति किस तरह गरीब वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई है और उससे गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों को कितना फायदा पहुंचा है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जनधन, स्वच्छ भारत अभियान, उज्जवला जैसी योजनाओं को प्रचार अभियान में शामिल किया जाएगा। कार्यकारिणी के फैसलों पर अब प्रदेश चुनाव समितियों को प्रचार की रणनीति तैयार करनी है। केंद्र के मॉडल को ही प्रचार अभियान में कैश लिया जाना है, जिससे यह भी साफ है कि किसी भी राज्य में पार्टी स्थानीय लीडरशिप से कोई चेहरा नहीं देगी।