विपक्ष की गैरमौजूगी में उत्तराखंड का बजट पास, 26880 करोड़ होंगे जारी
विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार ने वित्त विनियोग विधेयक पारित करवा लिया। 18 मार्च को बजट सत्र के दौरान रखे विनियोग विधेयक पर विवाद गहराने के बाद लगे राष्ट्रपति शासन में विधेयक पारित नहीं हो पाया था। राज्य के 40422.21 करोड़ रुपये के बजट का तीसरा हिस्सा 13542 करोड़ का लेखानुदान संसद से पारित होकर राज्य को मिल चुका था।
ऐसे में सरकार नए सिरे से वित्त विनियोग विधेयक लेकर आई थी, जिसके पारित होने पर अवशेष बजट 26880 करोड़ रुपये विभागवार विभिन्न मदों में जारी हो सकेगा। जब विनियोग विधेयक पटल पर रखा तो विपक्ष सदन में मौजूद नहीं रहा।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव होने के कारण उन्होंने अधिष्ठाता मंडल के सदस्य विधायक नवप्रभात को पीठासीन करने की जो व्यवस्था बनाई उसको लेकर भाजपा ने एक बजे तक हंगामा कर वॉकआउट कर दिया।
नवप्रभात को पीठाधीन अधिकारी बनाने पर भड़की भाजपा
दो दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में अधिष्ठाता मंडल के सदस्य विधायक नवप्रभात को पीठासीन अधिकारी बनाने के विरोध में जमकर हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के खिलाफ 18 मार्च को रखे अविश्वास प्रस्ताव पर अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल की बनाई व्यवस्था का विपक्ष ने विरोध किया।
पीठासीन ने 11 बजे शुरू हुए सदन में हंगामे के बीच 11.25 पर स्पीकर की व्यवस्था को लेकर अनुज्ञा मांगी, जिस पर विपक्ष और बिफर गया।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट, मदन कौशिक समेत तमाम भाजपाई साढ़े बारह बजे तक बनाई व्यवस्था के विरोध में हंगामा करते रहे। इस बीच अधिष्ठाता मंडल के सदस्य ने स्पीकर के खिलाफ विश्वास मत को लेकर वोटिंग भी करा दी।
विपक्ष ने बजट को बताया असंवैधानिक
सरकार ने जो बजट पारित किया है, यह पूरी तरह असंवैधानिक है। सरकार जब एक विनियोग विधेयक 18 मार्च को पारित कर चुकी है, जिसका कि सरकार अदालत में हलफनामा दे चुकी है तो यह कौन सा विनियोग विधेयक है।
- अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष