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उत्तराखंड विस मानसून सत्र 2020: कोविड के वार से 1053 प्रश्न रहेंगे निरुत्तर

Mon, 21 Sep 2020 12:27 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 21 Sep 2020 12:27 PM IST
सार

  • अपने ही विधायकों के धारदार सवालों से घिरने से बची सरकार
  • कोरोना के कारण ढंग से तैयार नहीं हो पाए थे जवाब 

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Uttarakhand Assembly Monsoon Session 2020: 1053 questions will not answered in session
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में कोविड-19 महामारी के वार के कारण विधानसभा सत्र के दौरान पूछे जाने वाले 1053 सवाल निरुत्तर रह जाएंगे। रविवार को हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में तय हुआ कि एक दिन के सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा। कोविड के कारण शासन स्तर पर भी प्रश्नों के जवाब और सूचनाएं तैयार करने में व्यवधान पैदा हो रहा है।

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सरकार भी प्रश्नकाल को लेकर तैयार नहीं थी। ऐसे में प्रश्नकाल टल जाने से उसने भी राहत की सांस ली है। लंबे अंतराल के बाद हो रहे सत्र में इस बार 1053 प्रश्न विधानसभा को प्राप्त हुए थे। हमेशा की तरह सबसे अधिक प्रश्न सत्ता पक्ष के विधायक देशराज कर्णवाल के ही हैं।
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यह भी पढ़ें: उत्तराखंड विस मानसून सत्र 2020: 23 सितंबर को केवल एक दिन का होगा सत्र, नहीं होगा प्रश्नकाल
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सूत्रों का कहना है कि विपक्षी विधायकों से अधिक प्रश्न सत्ता पक्ष के विधायकों ने पूछे हैं। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, पलायन, शिक्षा, कोरोना से जुड़े प्रश्नों के जरिये इस बार सत्ता पक्ष के विधायक ही अपनी सरकार से जवाब लेने की तैयारी में थे।

सरकार को मिली कुछ राहत

इधर, सचिवालय में कोरोना के बढ़ते मामलों से सत्र की तैयारियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। कुछ सचिव स्तर के अधिकारी तक कोरोना संक्रमित हो गए। इससे उनके विभागों से जुड़े सवालों का समय पर जवाब तैयार करने में दिक्कतें पैदा हुईं।

सचिवालय के कई अनुभागों में संक्रमितों के मामले मिलने से सत्र के दौरान आए प्रश्नों के जवाब तैयार करने में विलंब हो रहा है। कमजोर तैयारी के कारण सत्र में ट्रेजरी बैंच को असहज होना पड़ सकता था।

लेकिन प्रश्नकाल टल जाने के कारण सरकार को कुछ राहत मिली है। अब केवल नियम-58 की सूचना पर उसे विपक्षी विधायकों के सवालों का सामना करना पड़ेगा।

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