उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022: इस बार 1556 वोटर ऐसे जिनकी उम्र 100 साल से ऊपर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 100 साल या इससे अधिक आयु वाले वोटर ऊधमसिंह नगर जिले में हैं। इनकी संख्या 340 है।
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प्रदेश के विधानसभा चुनाव में इस बार 1556 ऐसे मतदाता भी हैं, जो अपनी उम्र के 100 साल पूरे कर चुके हैं। इन बुजुर्ग, उम्रदराज वोटरों पर सबकी निगाहें रहेंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 100 साल या इससे अधिक आयु वाले वोटर ऊधमसिंह नगर जिले में हैं। इनकी संख्या 340 है। इसके बाद हरिद्वार जिले में ऐसे 339 वोटर हैं। इसके बाद देहरादून जिले में ऐसे 318 वोटर हैं। इसके अलावा उत्तरकाशी में 12, चमोली में 35, रुद्रप्रयाग में नौ, टिहरी में 48, पौड़ी में 125, पिथौरागढ़ में 71, बागेश्वर में 38, अल्मोड़ा में 97, चंपावत में 30 और नैनीताल जिले में 94 ऐसे वोटर हैं, जिनकी संख्या 100 साल या इससे अधिक है। चुनाव आयोग भी इन वोटरों को बूथ तक लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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उत्तराखंड चुनाव में 13 हजार 130 ने डाला वोट
उत्तराखंड के चुनाव वैसे तो 14 फरवरी को होने जा रहे हैं लेकिन इससे पहले विभिन्न श्रेणियों के 13 हजार 130 वोटरों ने अपना वोट डाल दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि इस बार चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत प्रदेश में 80 से अधिक आयु वाले 14761 मतदाताओं ने घर से मतदान के लिए फॉर्म 12-डी भरा, जिनमें से 11 हजार 442 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। इसी प्रकार 2175 दिव्यांगों में से 1687 दिव्यांगों ने वोट डाल दिया है। 71 अति आवश्यक सेवा वालों में से एक ने वोट डाला है। कुल मिलाकर 17 हजार सात में से 13 हजार 130 वोटरों ने घर से ही मतदान किया है।
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94,471 सर्विस वोटरों को जारी हुए डाक मतपत्र
प्रदेश के 94 हजार 471 सर्विस वोटरों को डाक मतपत्र भेजे जा चुके हैं। इनमें से नौ हजार 754 सरकारी कर्मचारी, दो हजार 694 पुलिसकर्मी और 338 अन्य भी शामिल हैं।
अल्मोड़ा, पौड़ी और टिहरी में मतदान बढ़ाने पर जोर
उत्तराखंड के तीन जिलों में 2017 के चुनाव में सबसे कम मतदान हुआ था। इन जिलों पर चुनाव आयोग का खास फोकस है। वहीं, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में बढ़ी हुई मतदान के ग्राफ को कायम रखने की चुनौती भी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि 2017 के चुनाव में अल्मोड़ा जिले में सबसे कम 52.81 प्रतिशत मतदान हुआ था। पौड़ी में 54.95 प्रतिशत और टिहरी जिले में 55.40 प्रतिशत मतदान हुआ था।
इन तीनों जिलों में मतदान बढ़ाने पर चुनाव आयोग का खास फोकस है। वहीं, ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा 75.79 प्रतिशत और हरिद्वार जिले में 75.69 प्रतिशत मतदान हुआ था, इसे इस बार भी कायम रखना चुनौती है। प्रदेश में 2012 के विधानसभा चुनाव में कुल 67.22 प्रतिशत मतदान हुआ। 2017 में यह घटकर 65.56 प्रतिशत पर आ गया। इस बार चुनाव आयोग का मकसद है कि यह आंकड़ा अधिक से अधिक बढ़े।
कोटद्वार के ढिकाला बूथ पर सबसे कम 14 वोटर
कोटद्वार विधानसभा के तहत आने वाले ढिकाला बूथ पर प्रदेश में सबसे कम 14 वोटर ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक और सबसे कम मतदाता संख्या वाले बूथों का आंकड़ा मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने जारी किया।
उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री सीट के उजेली उत्तरकाशी बूथ पर सबसे ज्यादा 1200 मतदाता और युनोत्री सीट के पुजारगांव बूथ पर सबसे कम 58 वोटर हैं। चमोली जिले में थराली सीट के ग्वालदम स्टेट बूथ पर सर्वाधिक 1181 वोटर और कर्णप्रयाग सीट के सकंडी बूथ पर सबसे कम 59 मतदाता हैं। रुद्रप्रयाग जिले में रुद्रप्रयाग सीट के नगरासू बूथ पर सबसे ज्यादा 1150 वोटर और केदारनाथ सीट के रैल बूथ्ज्ञ पर सबसे कम 50 वोटर हैं। टिहरी जिले की घनशाली सीट के कोटी बूथ पर सर्वाधिक 1236 वोटर और टिहरी सीट के पठोईगांव बूथ पर सबसे कम 48 वोटर हैं। देहरादन जिले में विकासनगर सीट के बरोटीवाला बूथ पर सबसे ज्यादा 1214 वोटर और चकराता सीट के धामिच बूथ पर सबसे कम 68 वोटर हैं।
हरिद्वार जिले की खानपुर सीट के नगला इमरती बूथ पर सर्वाधिक 1248 वोटर और रुड़की सीट के चंद्रपुर रुड़की बूथ पर सबसे कम 57 वोटर हैं। पौड़ी गढ़वाल जिले में यमकेश्वर सीट के गंगा भोगपुर बूथ पर 1239 वोटर, कोटद्वार सीट के ढ़िकाला बूथ पर सबसे कम 14 वोटर होंगे। पिथौरागढ़ जिले की गंगोलीहाट सीट के खिरमांडे बूथ पर सबसे ज्यादा 1211 वोटर और डीडीहाट सीट के मलान प्रथम बूथ पर 76 वोटर हैं। बागेश्वर जिले की बागेश्वर सीट के मैगडी स्टेट बूथ पर सर्वाधिक 1194 वोटर और बागेश्वर सीट के सिमगड़ी बूथ पर सबसे कम 107 वोटर हैं।
अल्मोड़ा जिले की अल्मोड़ा सीट के सरकार की आली बूथ पर सर्वाधिक 1212 वोटर और अल्मोड़ा सीट के कटोजिया गुंठ बूथ पर सबसे कम 96 वोटर हैं। चंपावत जिले की लोहाघाट सीट के ईड़ाकोट बूथ पर सर्वाधिक 1156 वोटर और चंपवत सीट के निगाली बूथ पर सबसे कम 56 वोटर हैं। नैनीताल जिले की हल्द्वानी सीट के जवाहर ज्योति दमुवाढुंगा बूथ पर सर्वाधिक 1222 वोटर और लालकुआं सीट के हाथीखाल बूथ पर सबसे कम 73 वोटर हैं। ऊधमसिंह नगर जिले की जसपुर सीट के गढ़ी नेगी बूथ पर सर्वाधिक 1248 वोटर और जसपुर सीट के ही हरियावाला कमरा नंबर 2 बूथ पर सबसे कम 224 वोटर हैं।