एक्सक्लूसिव: उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्नो लैपर्ड को बचाने में मदद करेगी सेना, लगाए जाएंगे 40 कैमरे
- मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक करेंगे सेना के अधिकारियों से बात
- स्नो लैपर्ड के आवास क्षेत्र में लगाए जाएंगे 40 कैमरे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में पिथौरागढ़ से लेकर चमोली तक के उच्च हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले हिम तेंदुओं को बचाने में अब सीमा पर डटी सेना भी वन विभाग की मदद करेगी। वन विभाग इस क्षेत्र में करीब 40 कैमरे लगाने जा रहा है। ये कैमरे उन स्थानों पर लगाए जाएंगे जहां सेना को पेट्रोलिंग या चौकियों के आसपास हिम तेंदुए अक्सर दिखाई देते हैं।
प्रदेश के उच्च हिमालयी क्षेत्र में अभी तक करीब 80 हिम तेंदुओं के होने का अनुमान है। बेहद शर्मीले और बहुत कम दिखाई देने वाले हिम तेंदुए इस क्षेत्र में आहार कड़ी में सबसे ऊपर हैं। इतना होने पर भी ये संकट में हैं।
इनको इस संकट से बाहर निकालने के लिए प्रदेश में यूएनडीपी के तहत आवास संरक्षण की योजना भी जारी है। अब वन विभाग ने इस काम में सेना की मदद लेना तय किया है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने इसकी पुष्टि की।
40 कैमरे लगाए जाएंगे उच्च हिमालयी क्षेत्र में
वन विभाग ने तय किया है कि इस काम के लिए उच्च हिमालयी क्षेत्र में 40 कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से खींचे गए चित्रों की मदद से हिम तेंदुओं के व्यवहार का अध्ययन किया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि इनकी संख्या कितनी है।
सेना करेगी मदद, रखेगी निगाह
कैमरे लगाने से लेकर फीडबैक में सेना की मदद ली जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक सेना की मौजूदगी इस क्षेत्र में लगातार बनी रहती है। इस वजह से सेना के अधिकारियों से लेकर जवानों तक का कई बार हिम तेंदुओं से सामना होता रहता है।
ऐसें में सेना को हिम तेंदुओं दिखाई देने वाले क्षेत्रों की भी जानकारी है। बताया गया कि उच्च क्षेत्र की चौकियों पर हिम तेंदुए कई बार खाने की तलाश में भी पहुंच जाते है। अधिकारियों के मुताबिक कई जवानों ने हिम तेंदुओं को देखने की पुष्टि भी की है।
इस मामले में सेना के अधिकारियों से सात-आठ दिन के अंदर बात की जाएगी। सेना से मिले फीडबैक के आधार पर ही कैमरा ट्रेप लगाए जाएंगे। हिम तेंदुओं के संरक्षण में यह महत्वपूर्ण कदम होगा। सेना के अधिकारियों से जल्द ही बात की जाएगी। 40 कैमरा लगने से हिमा तेंदुओं के बारे में खासी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
- जेएस सुहाग, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक