फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Ankita Murder Case Supreme Court order that trial will continue next hearing will be in February

Ankita Murder Case: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, जारी रहेगा केस का ट्रायल, फरवरी में होगी अगली सुनवाई

Tue, 05 Dec 2023 10:50 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली/देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 05 Dec 2023 10:50 PM IST
सार

पीड़ित परिवार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

विज्ञापन
Uttarakhand Ankita Murder Case Supreme Court order that trial will continue next hearing will be in February
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि अंकिता भंडारी मामले की जांच को लेकर राज्य सरकार ने तमिलनाडु कैडर के आईपीएस अधिकारी की निगरानी में नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो इस मामले की जांच कर रही है। शीर्ष अदालत अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाने की गुहार वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

विज्ञापन


जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पेश हुए डिप्टी एडवोकेट जनरल जतिंदर कुमार सेठी ने कहा कि निचली अदालत में मामले में आरोपी पुलकित आर्या, अंकित गुप्ता, सौरभ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354, 302, 201, 120बी सहित अन्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत चार्जशीट दाखिल की जा चुकीं है। निचली अदालत ने इस वर्ष 18 मार्च को इस मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय भी कर दिया। ट्रायल कोर्ट में 27 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके है, जिसमे उसके माता-पिता, भाई, चाचा और दोस्त शामिल हैं। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि ट्रायल चल रहा है और अभियोजन साक्ष्य शीघ्र ही पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन


Uttarakhand: खटीमा में दुकान में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने सराफ को मारी गोली, इलाज के दौरान हुई मौत

विज्ञापन
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज नहीं एकत्र किए गए और न ही फोरेंसिक साक्ष्य लिए गए। मोबाइल फोन भी जब्त नहीं किए गए। हालांकि राज्य सरकार ने पीठ को बताया कि इस पूरे मामले से जुड़े हुए सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य आदि अदालत के समक्ष जमा हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे और कॉल रिकॉर्ड साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए हैं।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने ट्रायल जारी रखने का आदेश देते हुए कहा कि मामले की अगली सुनवाई फरवरी में होगी। दरअसल, पीड़ित परिवार ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed