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देवभूमि के बेटे ने बढ़ाया मान, संभाली कोस्ट गार्ड में पूर्वी समुद्री सीमा के चीफ ऑफ स्टाफ की कमान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)
Updated Fri, 01 Jun 2018 07:06 AM IST
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anil harbola
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भारतीय तटरक्षक (इंडियन कोस्ट गार्ड) में तटरक्षक कमांडर (उप महानिरीक्षक) पद पर आंध्र प्रदेश में तैनात द्वाराहाट के तल्ला कौंला निवासी अनिल हर्बोला की पदोन्नति अब महानिरीक्षक पद पर हो गई है।
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अब वह विशाखापट्टनम स्थित तटरक्षक कमांडर (पूर्वी समुद्री सीमा क्षेत्र) के मुख्यालय में स्टाफ प्रमुख (चीफ ऑफ स्टाफ) का पद संभालेंगे। इस पद पर अब तक एपी बडोला तैनात थे, जिनका तबादला अब उसी पद पर पश्चिमी समुद्री सीमा क्षेत्र मुंबई हो गया है।
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अनिल हर्बोला ने कुमाऊं विश्वविद्यालय से द्वितीय श्रेणी में एमएससी की थी। स्व. नंदकिशोर हर्बोला और देवकी हर्बोला के छोटे बेटे अनिल सहायक सेनानायक के रूप में तटरक्षक में भर्ती हुए। उन्होंने नौसेना अकादमी गोवा में सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया जहां उन्होंने नौसैनिक संचार में विशेषज्ञता हासिल की।
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तटरक्षक के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं
उन्होंने होवरक्राफ्ट सहित तटरक्षक के सभी प्रकार के पोतों के संचालन का भी प्रशिक्षण लिया और उनकी कमान भी संभाली। अनिल तटरक्षक के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके हैं।
वह महाराष्ट्र के तटरक्षक कमांडर, महानिदेशक सलाहकार, पश्चिम तटरक्षक क्षेत्र कमांडर के मुख्य स्टाफ अधिकारी, अंडमान एवं निकोबार तटरक्षक कमांडर के स्टाफ प्रमुख भी रहे। तटरक्षक पोत ताराबाई के कमान अधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने अपहृत जापानी मर्चेंट जहाज अलौंड्रा रेनबो को समुद्री तस्करों से मुक्त कराया था। उन्हें राष्ट्रपति से वीरता का तटरक्षक पदक भी मिल चुका है।
तटरक्षक महानिदेशक से उन्हें इसके लिए प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। अमेरिका स्थित अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम स्कूल के विद्यार्थी रहे अनिल ने हैदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन महाविद्यालय और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय दिल्ली से मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज और मास्टर ऑफ फिलोसॉफी की उपलब्धियां भी प्राप्त की हैं। उनके बड़े भाई मनोज हर्बोला आईआईटी कानपुर में प्राचार्य हैं।
वह महाराष्ट्र के तटरक्षक कमांडर, महानिदेशक सलाहकार, पश्चिम तटरक्षक क्षेत्र कमांडर के मुख्य स्टाफ अधिकारी, अंडमान एवं निकोबार तटरक्षक कमांडर के स्टाफ प्रमुख भी रहे। तटरक्षक पोत ताराबाई के कमान अधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान उन्होंने अपहृत जापानी मर्चेंट जहाज अलौंड्रा रेनबो को समुद्री तस्करों से मुक्त कराया था। उन्हें राष्ट्रपति से वीरता का तटरक्षक पदक भी मिल चुका है।
तटरक्षक महानिदेशक से उन्हें इसके लिए प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। अमेरिका स्थित अंतरराष्ट्रीय मैरीटाइम स्कूल के विद्यार्थी रहे अनिल ने हैदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन महाविद्यालय और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय दिल्ली से मास्टर ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज और मास्टर ऑफ फिलोसॉफी की उपलब्धियां भी प्राप्त की हैं। उनके बड़े भाई मनोज हर्बोला आईआईटी कानपुर में प्राचार्य हैं।