उत्तराखंड: कोर्ट में हाजिर नहीं हुई पाकिस्तानी मूल की अमेरिकी महिला फरीदा, तीन फरवरी को होगी सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर (ऊधमसिंह नगर) Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 28 Jan 2021 10:26 PM IST

सार

  • पति की तलाश में मदद के लिए दिल्ली के एनजीओ की शरण में पहुंची 
फरीदा मलिक
फरीदा मलिक - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार

पासपोर्ट एक्ट के उल्लंघन की आरोपी पाकिस्तानी मूल की अमेरिकी महिला बुधवार को चंपावत कोर्ट में हाजिर नहीं हुई। सफाई साक्ष्य के लिए कोर्ट ने तीन फरवरी की तिथि तय की है। उधर, कथित रूप से निकाह करने वाले युवक के खिलाफ कार्रवाई के लिए महिला ने दिल्ली के एक एनजीओ के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता से संपर्क साधा है।
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12 जुलाई 2019 को काठमांडो के रास्ते बनबसा पहुंची अमेरिकी नागरिक फरीदा मलिक को अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। 13 जुलाई को उनके खिलाफ 3 पासपोर्ट एक्ट, 14 विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।


विवेचना के दौरान उन्हें लोहाघाट से अल्मोड़ा जेल शिफ्ट कर दिया गया था। 21 अप्रैल 2020 को चंपावत के जिला न्यायाधीश आशीष नैथानी ने फरीदा को दोषी करार देते हुए चार साल और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके बाद से फरीदा सशर्त जमानत पर हैं।

इस मामले में धारा 311 के तहत साक्ष्य सफाई के लिए चंपावत की अदालत में 27 जनवरी की तिथि तय थी लेकिन फरीदा अदालत में पेश नहीं हो सकी। उनके अधिवक्ता शेखर लखचौरा ने बताया कि अदालत ने इस मामले में अब तीन फरवरी की तिथि नियत की है।

वहीं, कथित रूप से निकाह कर रसीद लेकर फरार हुए युवक की तलाश में तीन दिन तक पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद फरीदा दिल्ली पहुंच गई है। उसने मदद के लिए दिल्ली के एक एनजीओ से संपर्क साधा है।

अमेरिकी राजदूत ने की थी फरीदा की माफी की अपील 

एनजीओ की पहल पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फौजिया रहमान से कानूनी मदद ली जा रही है। एडवोकेट फौजिया के अनुसार फरीदा ने बताया कि काशीपुर के एक मौलाना ने उसका निकाह कराया लेकिन उक्त मौलाना के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। मामले में कार्रवाई के लिए संबंधित थाने के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। 

कथित रूप से निकाह रचाने के आरोपी युवक के अधिवक्ता अर्पित गरोडिया ने बताया कि फरीदा बायपोलर डिस्ऑर्डर के साथ ही शुगर रोग से भी पीड़ित है। इस मामले में अमेरिका के तत्कालीन राजदूत केनेथ आई जस्टर ने 16 अप्रैल 2020 को उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत को पत्र भेजा।

उन्होंने कहा कि यह फरीदा का पहला अपराध है ऐसे में उसे माफ कर अमेरिका वापस भेजा जाए। पत्र में फरीदा का पासपोर्ट नेपाल के एक होटल में छूट जाने की बात भी कही गई है। राजदूत ने दोनों देशों के बेहतर रिश्तों का हवाला देते हुए मानवीय और चिकित्सीय आधार पर फरीदा को माफ करने की अपील की है।
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