उत्तराखंड: हरीश के 'ट्वीट बम' के बाद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल बोले- गारंटी से कहता हूं एक-दो दिन में सुखद परिणति होगी
हरीश रावत के व्यथित होने के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि पार्टी में कुछ लोग होते हैं, जिनकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी की तरफ न होकर व्यक्तियों की तरफ होती है। मैंने महसूस किया कि हरीश रावत इन बातों से आहत थे। गोदियाल ने ये बातें एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में कहीं।
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट से मचे सियासी बवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हाईकमान ने सभी वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। वह गारंटी के साथ कहते हैं कि एक-दो दिन में इसकी सुखद परिणति होगी।
हालांकि ट्वीट के बाद उपजे सवालों में कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का दर्द भी छलक उठा। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस संगठन को दुरुस्त करने की जरूरत है। बकौल गोदियाल, संगठन उन्हें विरासत में मिला, उनके अलावा वहां कोई बदलाव नहीं हुआ।
हरीश रावत के व्यथित होने के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि पार्टी में कुछ लोग होते हैं, जिनकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी की तरफ न होकर व्यक्तियों की तरफ होती है। मैंने महसूस किया कि हरीश रावत इन बातों से आहत थे। गोदियाल ने ये बातें एक टीवी चैनल के इंटरव्यू में कहीं।
हरीश रावत की पोस्ट को पार्टी की गुटबाजी और उनकी नाराजगी से जोड़कर देखे जाने के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि इस पोस्ट का गुटबाजी से आशय नहीं निकाला जाना चाहिए। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। अलबत्ता उन्होंने स्वीकारा कि संगठन को दुरुस्त करने की जरूरत है। गोदियाल ने कहा कि उन्हें अध्यक्ष पद पर साढ़े चार महीने हो चुके हैं। उन्हें संगठन विरासत में मिला। संगठन में उनके अलावा कोई बदलाव नहीं हुआ। सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह एक नए व्यक्ति के तौर पर संगठन में हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन उन दिक्कतों को अपने आप ठीक करने की आवश्यकता होती है। किसी को इस नजर से नहीं देखना है कि किस व्यक्ति की निष्ठा किस व्यक्ति की तरफ है। वह संगठन को इस नजर से देखते हैं कि सबकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी की तरफ है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने सबको समय दिया, लेकिन कुछ लोग होते हैं जिनकी निष्ठा पार्टी की तरफ न होकर व्यक्ति की तरफ होती है। उन्होंने कई बार महसूस किया कि रावत जी इन बातों से आहत थे।
बदलाव करने के लिए एक महीने पहले भेज दिया था प्रस्ताव
संगठन में बदलाव के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि जब उन्होंने कमान संभाली तो संगठन में कोई बदलाव नहीं किया। पूरा समय दिया। एक महीने पहले संगठन में बदलाव करने के लिए प्रस्ताव हाईकमान को भेजा। वहां भी उन पर काम चल रहा है। हरेक व्यक्ति के काम करने का अलग तरीका होता है। देवेंद्र यादव हमारे प्रभारी हैं। हो सकता है कि जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके आधार पर वे लोगों को समझा रहे हों। ठीक करने का अवसर दे रहे हों।
हरीश रावत का पार्टी से अलग होने का सवाल नहीं
गोदियाल ने कहा कि हरीश रावत ने जो बातें लिखीं, उन्हें ठीक कर लिया जाएगा। इस बात में कोई विवाद नहीं कांग्रेस ही नहीं भाजपा में भी उनके कद का कोई नेता नहीं। उत्तराखंड के तमाम लोग उम्मीदों से देख रहे हैं। उनके पार्टी से अलग होने की तो चर्चा भी नहीं होनी चाहिए। अतीत में विपरीत से विपरीत से परिस्थितियां थी, तब उनके मन में ऐसा कोई विचार नहीं आया। 2002 में उनके अदम्य साहस और मेहनत के दम पर सरकार आई। तब नारायण दत्त तिवारी आ गए, जबकि बहुमत हरीश रावत के साथ था। तब उनके मन में विचार नहीं आया।