उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस: डीजीपी ने गिनाई उपलब्धियां, राष्ट्रपति पुलिस पदक से नवाजे गए ये पुलिसकर्मी
Uttarakhand Foundation Day Today: पुलिस लाइन में आयोजित परेड का नेतृत्व परेड कमांडर डीआईजी /एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने किया। इनके अलावा परेड के सह कमांडर के रूप में एएसपी हिमांशु वर्मा और डीएसपी पल्लवी त्यागी ने जिम्मेदारी संभाली।
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उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस परेड के दौरान डीजीपी अशोक कुमार ने पुलिस की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि लगातार 21 वर्षों से पुलिस बेहतर काम कर रही रही है। इसी का परिणाम है कि नीति आयोग की एसडीजी इंडेक्स में कानून व्यवस्था संबंधित रिपोर्ट में उत्तराखंड पुलिस का पहला नंबर है। पुलिस इस समय कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। परेड के दौरान कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित परेड का नेतृत्व परेड कमांडर डीआईजी /एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने किया। इनके अलावा परेड के सह कमांडर के रूप में एएसपी हिमांशु वर्मा और डीएसपी पल्लवी त्यागी ने जिम्मेदारी संभाली। परेड में ट्रैफिक पुलिस, एटीएस, पीएसी, डॉग स्क्वायड, घुड़सवार पुलिस आदि शामिल रहे। राज्यपाल ले.ज. (सेनि.) गुरमीत सिंह ने परेड के निरीक्षण के बाद परेड की शुरूआत हुई। इसके बाद पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि 21 वर्षों से उत्तराखंड पुलिस हर क्षेत्र में उन्नति की है। अपराध, कानून व्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में पूर्व की अपेक्षा बेहद सुधार हुआ है। उत्तराखंड पुलिस का गंभीर अपराधों में खुलासे का प्रतिशत 90 फीसदी रहा है।
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सुरक्षित माहौल के कारण ही इन दिनों पर्यटकों और उद्योगपति उत्तराखंड का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य हमेशा से ही चुनौतीपूर्ण रहा है। वर्तमान में कुछ नईं चुनौतियां भी पुलिस के सामने हैं। इनमें ड्रग्स, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक की समस्या प्रमुख है। इन चारों को हमने ‘थर्स्ट एरियाज’ के रूप में पहचाना है जिससे इनमें सफलता भी मिल रही है। गत एक वर्ष साइबर क्राइम के क्षेत्र में पुलिस ने बड़े मामलों का खुलासा किया है। डीजीपी ने पुलिस की आगे की योजनाओं को भी बताया। बताया कि सिटी पुलिस को शॉर्ट रेंज वेपंस दिए जाएंगे। जनपद मुख्यालय में स्मार्ट कंट्रोल रूम बनाना, पुलिस की मोबिलिटी बढ़ाना, पूरे प्रदेश को सीसीटीवी से कवर करना, पुलिस को और अधिक स्मार्ट, पीड़ित केंद्रित और जवाबदेह बनाना है।
ये हुए सम्मानित
विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक
- आईजी प्रशिक्षण पूरण सिंह रावत (स्वतंत्रता दिवस-2019)
- डीआईजी पीएसी, प्रशिक्षण विमला गुंज्याल (स्वतंत्रता दिवस-2019)
- अग्निशमन अधिकारी द्वितीय अनिल कुमार त्यागी, पौड़ी गढ़वाल (गणतंत्र दिवस-2020)
सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक
- डीआईजी सीआईडी नारायण सिंह नपलच्याल (स्वतंत्रता दिवस-2019)
- डीआईजी /एसएसपी हरिद्वार योगेन्द्र सिंह रावत(स्वतंत्रता दिवस-2019)
- सहायक सेनानायक (सेनि.) वीरेन्द्र प्रसाद डबराल, सहायक सेनानायक
- प्लाटून कमांडर (सेनि.) भगवान सिंह,
- एसआई (सेनि.) श्याम सुंदर पांडेय जनपद-अल्मोड़ा
- फायर सर्विस चालक सुनील कुमार सिंह, देहरादून (गणतंत्र दिवस-2020)
- लीडिंग फायरमैन राकेश कुमार, जनपद-देहरादून (गणतंत्र दिवस-2020)
- लीडिंग फायर मैन वंश नारायण यादव, चंपावत (स्वतंत्रता दिवस-2020)
- लीडिंग फायरमैन खजान सिंह तोमर, टिहरी गढ़वाल (स्वतंत्रता दिवस-2020)
उत्कृष्ट थाना
पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के मानकों के अनुरूप जनपद अल्मोड़ा के थाना सल्ट को उत्कृष्ट थाना- 2021 चुना गया था। इसके लिए प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार को ट्रॉफी भेंट की गई।
उपवा की अल्मोड़ा कार्यकारिणी सम्मानित
पुलिस परिवारों के कल्याण के लिए स्थापित उपवा(उत्तराखंड पुलिस वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन) के तहत महिला सशक्तिकरण ,स्वच्छता, नशा मुक्ति, स्वरोजगार, व्यवसायिक कौशल विकास कार्यक्रम, चिकित्सा हेल्थ केयर कैम्प आदि क्षेत्रों में किये गए कार्य के लिए जनपद अल्मोड़ा को प्रथम स्थान हेतु चुना गया। जिलाध्यक्ष हेमा बिष्ट व आरआई जितेन्द्र पाठक को इसके लिए ट्रॉफी प्रदान की गई।